हेल्थ

Cancer की चपेट में आई एक और बॉलीवुड हसीना, हुआ स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टैटिक कैंसर, जानिए कितना होता है खतरनाक

Tannishtha Chatterjee Cancer: बॉलीवुड एक्ट्रेस तनिष्ठा चटर्जी ने खुलासा किया है कि वे स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टैटिक कैंसर से जूझ रही हैं। पिता को कैंसर में खोने के बाद अब वे खुद इस गंभीर बीमारी से लड़ रही हैं। जानें इस बीमारी के खतरे और कैसे दोस्तों व परिवार का साथ उन्हें जीने की ताकत दे रहा है।

Image

(फोटो - IG/Tannishtha Chatterjee)

Tannishtha Chatterjee Cancer: बॉलीवुड एक्ट्रेस तनिष्ठा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 8 महीनों से स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टैटिक कैंसर से लड़ रही हैं। यह खबर उनके फैन्स और फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद भावुक करने वाली है। पिता को कैंसर से खोने के बाद अब तनिष्ठा खुद इस बीमारी से जूझ रही हैं। बावजूद इसके, उन्होंने हार नहीं मानी और सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें शेयर कर अपने दोस्तों और चाहने वालों को संदेश दिया कि मुश्किल समय में भी हिम्मत और प्यार ही असली ताकत है।

सोशल मीडिया पर किया चौंकाने वाला खुलासा

तनिष्ठा चटर्जी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि पिछले 8 महीने उनके लिए बेहद कठिन रहे। पिता को कैंसर में खोने के कुछ ही समय बाद उन्हें खुद स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टैटिक कैंसर की डायग्नोसिस हुई।

दो तस्वीरों से दिया प्यार और हिम्मत का संदेश

एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें शेयर कीं। पहली तस्वीर में वे बाल कटवाकर सोफे पर मुस्कुराती नजर आईं, वहीं दूसरी तस्वीर में वे अपनी करीबी दोस्तों के साथ हंसी-खुशी वक्त बिताती दिखीं।

बॉलीवुड दोस्तों का मिला साथ

तनिष्ठा ने बताया कि इस मुश्किल दौर में उनके दोस्तों ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उनके साथ लारा दत्ता, विद्या बालन, शबाना आजमी, दिव्या दत्ता, तन्वी आजमी, कोंकणा सेन शर्मा जैसी कई एक्ट्रेसेज खड़ी रहीं।

क्या है स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टैटिक कैंसर?

स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टैटिक कैंसर कैंसर का वह चरण है, जिसमें यह बीमारी शरीर के एक से अधिक हिस्सों में फैल चुकी होती है। इस स्टेज पर इलाज चुनौतीपूर्ण हो जाता है और मरीज को लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक मजबूती की जरूरत होती है।

स्टेज 4 कैंसर के आम लक्षण

  • लगातार थकान और कमजोरी
  • अचानक वजन घटना या भूख न लगना
  • लगातार दर्द रहना
  • खून आना (खांसी, पेशाब या मल में)
  • सांस लेने में कठिनाई या लगातार खांसी

तनिष्ठा चटर्जी की हिम्मत और मुस्कान इस बात का सबूत हैं कि जिंदगी की सबसे कठिन घड़ी में भी प्यार और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत साबित होती है। उनकी कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

और पढ़ें
End of Article