हेल्थ

बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि युवाओं भी अपना शिकार बना रहा डायबिटीज, देखने को मिल रहे ये 4 संकेत

Symptoms Of Diabetes In Young Adults : डायबिटीज अक्सर बुजुर्गों की समस्या मानी जाती थी लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे आज युवा भी काफी परेशान दिखाई देने लगे हैं। जी हां आज हम आपको बताएंगे कि कैसे डायबिटीज युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है और इसके कौन से संकेत देखने को मिलते हैं।

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sign of diabetes

Symptoms Of Diabetes In Young Adults : लाइफस्टाइल का तेजी से होते शहरीकरण के बढ़ते चलते युवा अधिक समय कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन के सामने समय बिता रहे हैं। इसके अलावा फास्ट फूड, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक्स जैसी का बढ़ता सेवन सेहत के लिए समस्याएं पैदा रहा है। इसके कारण मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। जिस डायबिटीज के बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था वह आज भारत में युवा वर्ग में तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीज अब 18 से 35 वर्ष की उम्र में बहुत दिख जाते हैं आज हम आपको युवाओं में डायबिटीज के दिखने वाले लक्षण बताने जा रहे हैं।

बार-बार प्यास लगना

यदि आपको दिन में कई बार-बार तेज प्यास लगती है, तो सावधान हो जाना चाहिए। ये डायबिटीज का एक बड़ा संकेत हो सकता है। क्योंकि शरीर में बढ़े हुए शुगर लेवल को पेशाब के जरिए कम करने की कोशिश बॉडी करती है, जिससे डिहाइड्रेशन होता है।

तेजी से वजन कम होना

यदि आप रोजाना खानपान सामान्य रखते हैं और उसके बाद भी आपको वजन में काफी ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ये शरीर में इंसुलिन की कमी को दिखाता है। जो डायबिटीज का भी बड़ा संकेत हो सकता है।

आंखों का धुंधलापन

तेजी से बढ़ते ब्लड शुगर के कारण आपको आंखों की रोशनी में कमी देखने को मिलेगी। हाई ब्लड शुगर आपके आंखों के लेंस और रेटिना पर बुरा असर डालता है। जिससे दृष्टि धुंधली होने लगती है। युवाओं में डायबिटीज का ये एक बड़ा लक्षण है।

घाव न भरना

डायबिटीज होने की सबसे बड़ी पहचान है कि इससे पीड़ित लोगों के घाव आसानी से नहीं भरते हैं। यदि आपको किसी तरह की चोट लगी है और इसे ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, तो ये आपको डायबिटीज का संकेत करती है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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