Sugar And Cancer: आजकल सोशल मीडिया पर चीनी और कैंसर को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। कोई कहता है कि चीनी कैंसर को बढ़ाती है, तो कोई सलाह देता है कि कैंसर के मरीजों को मीठा बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। ऐसे में कई लोग डर जाते हैं और सोचने लगते हैं कि क्या रोज की चाय में डाली जाने वाली चीनी या कभी-कभार खाई गई मिठाई भी कैंसर का कारण बन सकती है? इस सवाल का जवाब कैंसर विशेषज्ञ डॉ. जमाली खान (MBBS, MD, Cancer Immunotherapist) ने बहुत आसान शब्दों में दिया है। उनका कहना है कि हर व्यक्ति के लिए जवाब एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति को डायबिटीज है या नहीं और उसे कैंसर है या नहीं।
पूरी तरह स्वस्थ हैं तो बेवजह डरे नहीं
डॉ. जमाली खान के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज नहीं है, तो रोजमर्रा की सामान्य मात्रा में चीनी खाने से कैंसर होने का खतरा नहीं बढ़ता। सुबह-शाम चाय में थोड़ी-सी चीनी लेना या कभी-कभार मिठाई खा लेना सामान्य बात है। सिर्फ इतना करने से कैंसर नहीं होता। इसलिए बिना वजह डरकर चीनी पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं है।
कैंसर है लेकिन डायबिटीज नहीं है तो क्या करें
डॉक्टर बताते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को कैंसर है, लेकिन उसे डायबिटीज नहीं है, तो वह भी सामान्य मात्रा में चीनी ले सकता है। सिर्फ कैंसर होने का मतलब यह नहीं है कि मीठा पूरी तरह बंद कर दिया जाए। हां, हर मरीज की हालत अलग होती है, इसलिए इलाज कर रहे डॉक्टर की सलाह सबसे ज्यादा जरूरी होती है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: बारिश के बाद घर के इन 10 कोनों में सबसे पहले छिपता है डेंगू का मच्छर, 90% लोग कर देते हैं ये बड़ी गलती
डायबिटीज और कैंसर दोनों हैं तो शुगर कंट्रोल रखना जरूरी
डॉ. जमाली खान कहते हैं कि असली सावधानी उन लोगों को रखनी चाहिए जिन्हें डायबिटीज भी है और कैंसर भी। अगर ऐसे मरीज का ब्लड शुगर बार-बार बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो इसका असर इलाज पर पड़ सकता है। इसलिए इन मरीजों के लिए मीठा सीमित रखना और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: मॉनसून में AC और बारिश का कॉम्बिनेशन क्यों बढ़ाता है सांस की दिक्कत, डॉक्टर से जानिए इसके पीछे की असली वजह
ज्यादा शुगर इलाज की रफ्तार भी धीमी कर सकती है
डॉक्टर के अनुसार, कैंसर का इलाज चल रहा हो या ऑपरेशन हुआ हो, दोनों ही स्थितियों में शरीर को ठीक होने के लिए संतुलित ब्लड शुगर की जरूरत होती है। अगर शुगर लगातार ज्यादा रहती है, तो ऑपरेशन का घाव भरने में समय लग सकता है। साथ ही इलाज का असर भी पहले जैसा नहीं मिल पाता। इसलिए डायबिटीज वाले कैंसर मरीजों को अपनी दवा, खानपान और ब्लड शुगर तीनों पर बराबर ध्यान देना चाहिए।
हर किसी के लिए एक ही नियम नहीं होता
डॉ. जमाली खान का कहना है कि चीनी को लेकर सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग एक ही सलाह सभी पर लागू कर देते हैं। जबकि ऐसा नहीं है। अगर आप स्वस्थ हैं और आपको डायबिटीज नहीं है, तो सामान्य मात्रा में चीनी खाने से कैंसर होने का डर नहीं पालना चाहिए। वहीं, अगर आपको डायबिटीज और कैंसर दोनों हैं, तो ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना इलाज का अहम हिस्सा बन जाता है। इसलिए सोशल मीडिया की अधूरी बातों पर भरोसा करने के बजाय हमेशा डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।
