नौकरी-पेशा और धन कमाने की लालसा आदमी को उसके अपने गांव और छोटे कस्बों से निकालकर महानगरों तक लाती है। लेकिन इन शहरों में तेजी से बढ़ती और उसके कारण बढ़ते तमाम तरह के प्रदूषणों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस बात की चिंता हाल में आई एक हेल्थ रिपोर्ट ने और भी बढ़ा दी है। जी हां आज के समय में शहरों में रहने वाले लोग लगातार जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। हाल ही में एक रिसर्च में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वायु प्रदूषण से न सिर्फ फेफड़े, बल्कि दिमाग भी प्रभावित हो रहा है। इसकी गंभीरता की बात करें तो इससे आपको ब्रेन ट्यूमर का खतरा भी बढ़ रहा है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..
वायु प्रदूषण और ब्रेन ट्यूमर का कनेक्शन
ऐसा माना जाता है कि वायु प्रदूषण का असर केवल सांस से जुड़ी बीमारियों या हार्ट प्रॉब्लम्स तक ही सीमित है। लेकिन नई हेल्थ स्टडीज के मुताबिक, प्रदूषित हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण (PM 2.5 और अल्ट्रा फाइन पार्टिकल्स) न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन के द्वारा दिमाग तक भी पहुंच सकते हैं। जिससे आपको न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
महानगरों में बढ़ा खतरा
देश के महानगरों में लगातार बढ़ती आबादी के कारण गाड़ियां, फैक्ट्रियां और भवन निर्माण से वायु प्रदूषण काफी बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि जो लोग लगातार ट्रैफिक या इंडस्ट्रियल एरिया में रहते है, उनको ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा गांव में रहने वाले व्यक्ति से काफी ज्यादा होता है। शोध में इस बात का भी खुलासा किया है कि हवा में मौजूद पोल्यूटेंट आपके दिमाग की कोशिकाओं को डैमेज करके कैंसर का खतरा पैदा कर देते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
