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Meghan Markle Depression: खुद को क्यों मार डालना चाहती थीं ब्रिटिश शाही परिवार की बहू मेगन मर्केल?

  • Authored by: प्रभाष रावत
  • Updated Dec 9, 2022, 01:52 PM IST

Meghan Markle Battle with Depression: ब्रिटिश शाही परिवार का हिस्सा रहीं डचेस ऑफ ससेक्स और अभिनेता मेघन मार्कल का कहना है कि उन्हें शाही परिवार के साथ रहने के दौरान अपने पति प्रिंस हैरी से अपनी मानसिक सेहत से जुड़े संघर्ष के बारे में बात करने में शर्म आ रही थी और वह 'जीवित नहीं रहना चाहती थीं।' 2022 रॉबर्ट एफ कैनेडी मानवाधिकार पुरस्कार समारोह के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने डिप्रेशन से अपनी लड़ाई के बारे में बात की।

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मेघन मार्कल ने याद किए डिप्रेशन के दिन

Meghan Markle Depression Experience in Hindi: प्रिंस हैरी की पत्नी और एक्ट्रेस मेगन मर्केल ने 2022 के रॉबर्ट एफ कैनेडी ह्यूमन राइट्स अवार्ड गाला में एक ऑन-स्टेज इंटरव्यू के दौरान ब्रिटिश शाही परिवार का हिस्सा होने के दौरान आत्महत्या के विचारों पर एक बार फिर खुलकर बात की। एले मैगजीन के अनुसार, मेजबान केरी कैनेडी के साथ डचेस ऑफ ससेक्स ने कहा कि मानसिक सेहत के विषयों के बारे में बोलना महत्वपूर्ण था क्योंकि हम इस दुनिया में रहते हैं जहां अनुभवों को साझा करने और कहानियों को बताने का बड़ा असर होता है।

मेगन ने कहा कि वह अपने मानसिक स्वास्थ्य की लड़ाई को अपने पति के सामने स्वीकार करने में शर्म महसूस करती है, लेकिन वह इतना जानती थी कि वह उस समय 'बस जीवित नहीं रहना चाहती थीं'। एले मैगजीन से इस बारे में बात करते उन्होंने, 'देखो, मुझे उस समय यह कहने में वास्तव में शर्म आ रही थी और विशेष रूप से हैरी को यह स्वीकार करने में शर्म आ रही थी, क्योंकि मुझे पता है कि उस पर कितना असर हुआ है, लेकिन मुझे लगा कि इस बारे में बोलना चाहिए।'

मेगन मर्केल ने कहा कि उन्होंने दूसरों को यूं ही छोड़ देने की बजाय साहस देने के अपने अनुभव के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की। उन्होंने कहा, 'जब आप किसी भी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हों, और हर कोई विशेष रूप से पिछले कुछ सालों में लॉकडाउन और कोविड के साथ लोगों की संख्या में इजाफा हुआ है। हम सभी को जरूरत है, जो हम कर सकते हैं, करें। बस ईमानदारी से अपने अनुभव के बारे में बात करना भी पर्याप्त बहादुरी का काम होगा।'

मेगन मर्केल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य तब बहुत समस्या देने वाला हो जाता है, जब आप आगे कोई साफ रास्ता नहीं देख पाते। कोविड लॉकडाउन के दौरान बहुत से लोग अलग-थलग रहने के दौरान संघर्ष कर रहे थे।

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आत्मघाती विचारों से कैसे लड़ें?

आत्महत्या के विचारों से गुजर रहे व्यक्ति के अलावा अन्य लोगों के लिए इसको समझना बहुत मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी, ऐसी बातें थोड़े समय के लिए ही दिमाग में होती हैं लेकिन बाकी समय में प्रबल कल्पना मन में आपको विश्वास दिला सकती हैं कि अब अपना जीवन खत्म कर लेने से ही राहत मिलेगी। इनको नजरअंदाज करने के बजाय जितनी जल्दी हो सके इन्हें इलाज की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।

अपनी सांस पर ध्यान दें: मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सांस लेने पर ध्यान देने और कुछ गहरी सांस लेने के व्यायाम करने से आप डरावने, आत्मघाती विचारों से दूर हो सकते हैं।

शराब और नशीले पदार्थों से बचें: शराब पीना या पदार्थों का उपयोग दर्दनाक और अवांछित भावनाओं को सुन्न करने के लिए मददगार लग सकता है, लेकिन इससे अवसाद और नकारात्मक भावनाएं भी बढ़ जाती हैं।

व्यायाम और कसरत: हेल्थलाइन के अनुसार, ग्राउंडिंग तकनीक जैसे टहलना, पालतू जानवर को पालना आदि आपको डिप्रेशन और सुसाइडल विचारों से उबरने में मदद कर सकते हैं।

ऊपर बताई गई बातें महज कुछ सामान्य सुझाव हैं इसलिए गंभीर मानसिक विकार होने की स्थिति में किसी विशेषज्ञ, डॉक्टर या काउंसलर से ही सलाह लेना सबसे बेहतर होगा।

प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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