Lung Health: ज्यादातर लोग ये मानते हैं कि लंग कैंसर का सबसे बड़ा कारण सिर्फ धूम्रपान है। यह बात काफी हद तक सही भी है, लेकिन अब वैज्ञानिक एक और ऐसी चीज पर ध्यान दे रहे हैं जो लगभग हर घर में मौजूद है-रसोई का धुआं। खासकर जब तेज आंच पर खाना पकाया जाता है या तेल बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, तो उससे निकलने वाला धुआं हमारी सेहत पर असर डाल सकता है।
अगर आपके मन में भी कभी यह सवाल आया है कि क्या रोजाना किचन में खाना बनाने से फेफड़ों को नुकसान हो सकता है, तो इसका जवाब है कुछ हद तक हां। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि खाना बनाना ही कैंसर की वजह बन जाता है। असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप किस तरह खाना पकाते हैं, रसोई में हवा आने-जाने का इंतजाम कैसा है और आप कितने समय तक धुएं के संपर्क में रहते हैं।
तेज आंच पर खाना पकाने से क्या होता है
जब तेल को जरूरत से ज्यादा गर्म कर दिया जाता है और उसमें से धुआं निकलने लगता है, तो उस समय हवा में कई तरह के हानिकारक कण फैल जाते हैं। इनमें बेहद छोटे प्रदूषक कण (PM2.5), वाष्पशील रसायन (VOCs) और फॉर्मल्डिहाइड जैसे कुछ ऐसे तत्व शामिल हो सकते हैं, जो लंबे समय तक सांस के जरिए शरीर में जाने पर फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर रोजाना लंबे समय तक ऐसे धुएं में रहना पड़े, तो सांस से जुड़ी समस्याएं होने की संभावना बढ़ सकती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा हो सकता है
यह खतरा उन लोगों में ज्यादा देखा गया है जो हर दिन कई घंटों तक किचन के धुएं के बीच काम करते हैं। जैसे होटल और रेस्तरां में काम करने वाले रसोइये या ऐसे घरों में खाना बनाने वाले लोग, जहां चिमनी या एग्जॉस्ट फैन नहीं होता और हवा का सही इंतजाम भी नहीं होता।
कुछ शोधों में यह भी सामने आया है कि खाना पकाने वाले तेल के धुएं के लगातार संपर्क में रहने वाले लोगों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए यह जोखिम एक जैसा नहीं होता।
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क्या सिर्फ खाना बनाना ही कैंसर की वजह है
नहीं। यह बात समझना बहुत जरूरी है कि खाना बनाना अपने आप में फेफड़ों के कैंसर का कारण नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक ऐसे पक्के सबूत नहीं मिले हैं जो यह साबित करें कि सिर्फ कुकिंग फ्यूम्स ही कैंसर पैदा करते हैं। कई दूसरी चीजें भी इसमें भूमिका निभाती हैं, जैसे- धूम्रपान, घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता, आनुवंशिक कारण, काम करने का माहौल और लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहना। यानी खाना पकाने का धुआं जोखिम बढ़ा सकता है, लेकिन यह अकेला कारण नहीं माना जा सकता।
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किचन के धुएं से कैसे बचें
अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। खाना बनाते समय हमेशा चिमनी या एग्जॉस्ट फैन चालू रखें। अगर संभव हो तो खिड़कियां खोल दें ताकि ताजी हवा आती रहे। तेल को इतना गर्म न करें कि उसमें से धुआं निकलने लगे। डीप फ्राई करने की बजाय उबालना, स्टीम करना या बेक करना जैसी कुकिंग तकनीक अपनाएं। किचन की नियमित सफाई करें ताकि तेल और धुएं की परत जमा न हो।
