Women's Day Health Awareness: हर साल International Women's Day (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) महिलाओं की उपलब्धियों, संघर्षों और उनके स्वास्थ्य व अधिकारों पर ध्यान देने का अवसर देता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं घर और करियर दोनों जिम्मेदारियों को निभाते हुए अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। खासतौर पर 40 की उम्र के बाद की महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिनका असर उनके स्वास्थ्य पर देखने को मिलता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार 40 की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हो जाता है। समय पर जांच कराने से कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही पहचाना जा सकता है। इस तरह उन बीमारियों का इलाज भी आसान हो जाता है। तो चलिए जानते हैं 5 ऐसे जरूरी हेल्थ चेकअप जो 40 साल की उम्र के बाद हर महिला को जरूर कराने चाहिए।
1. मैमोग्राफी
40 साल की उम्र के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा काफी तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए इस उम्र के बाद मैमोग्राफी कराने की सलाह दी जाती है। यह एक खास तरह का एक्स-रे टेस्ट है, जिससे स्तनों में किसी भी असामान्य बदलाव का पता लगाया जा सकता है। डॉक्टर आमतौर पर 40 की उम्र के बाद हर दो साल में यह मैमोग्राफी करवाने की सलाह देते हैं।
2. पैप स्मीयर टेस्ट
यह टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए किया जाता है। इसमें गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) की कोशिकाओं की जांच की जाती है। 40 की उम्र के बाद पैप स्मीयर टेस्ट कराने से इस बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे समय रहते इलाज करना संभव हो सकता है।
3. ब्लड शुगर टेस्ट
तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और खानपान के चलते आज डायबिटीज एक गंभीर बीमारी बनता जा रहा है। ऐसे में 40 की उम्र के बाद महिलाओं में डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए ब्लड शुगर टेस्ट से शरीर में ग्लूकोज के स्तर की जांच होती है। यदि आपके परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, तो यह टेस्ट कराना और और भी जरूरी हो जाता है।
4. लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
40 की उम्र के बाद दिल की सेहत का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। यही कारण है कि 40 साल उम्र पार कर चुके लोगों को लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराने की सलाह डॉक्टर जरूर देते हैं। इससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर पता चलता है। यह जांच हार्ट रोगों के खतरे को समझने में मदद करती है।
5. बोन डेंसिटी टेस्ट
40 की उम्र के बाद महिलाओं की हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं, वहीं मेनोपॉज के आसपास महिलाओं के शरीर में अक्सर कैल्शियम की कमी देखने को मिलती है। बोन डेंसिटी टेस्ट से हड्डियों की मजबूती का पता चलता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसे गंभीर खतरे से पहले ही सावधान हुआ जा सकता है।
