Asian Games 2026: जापान के आइची-नागोया से भारत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। महिला 400 मीटर हर्डल्स इवेंट में ट्रक ड्राइवर की बेटी विथ्या रामराज ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने 54.75 सेकंड का समय निकालकर न सिर्फ पर्सनल बेस्ट बनाया, बल्कि दिग्गज PT उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। ये रिकॉर्ड 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में PT उषा ने 55.42 सेकंड के साथ बनाया था, जो 4 दशक तक कायम था।
विथ्या ने तोड़ी पीटी ऊषा का रिकॉर्ड
हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में विथ्या ने इसी रिकॉर्ड की बराबरी की थी, तब उन्होंने भी 55.42 सेकंड दौड़ा था और ब्रॉन्ज मेडल जीता था। हालांकि, इस बार नागोया में उन्होंने 0.67 सेकंड की बड़ी छलांग लगाई और 55 सेकंड की दीवार तोड़ने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। 27 सितंबर को हीट में विथ्या ने 55.73 सेकंड के सीजन बेस्ट के साथ फाइनल में जगह बनाई थी। उनके साथ अनु राघवन ने भी 55.84 सेकंड का पर्सनल बेस्ट निकालकर फाइनल क्वालीफाई किया था। फाइनल में विथ्या ने अपनी लेन में शानदार रिदम बनाए रखा। उन्होंने आखिरी 100 मीटर में गजब की स्पीड दिखाई और 54.75 सेकंड पर फिनिश किया।
ट्रक ड्राइवर की बेटी का कमाल
तमिलनाडु के कोयंबटूर की रहने वाली 26 साल की विथ्या एक ट्रक ड्राइवर की बेटी हैं। उन्होंने इसी एशियन गेम्स में भारत को 4x400m इवेंट में सिल्वर मेडल जितवाने में सफलता दिलाई। वहीं पेरिस ओलंपिक 2024 में 4x400m रिले में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उनके कोच का मानना है कि उनका असली टारगेट वर्ल्ड लेवल है, जहां सिडनी मैकलॉघलिन-लेवरोन जैसी एथलीट 50.65 सेकंड का ओलंपिक रिकॉर्ड रखती हैं।इस ब्रॉन्ज के साथ भारत का एथलेटिक्स में मेडल टैली और मजबूत हो गया है। बता दें कि 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पीटी उषा ने 55.42 सेकंड दौड़कर चौथे स्थान पर रहते हुए 1/100 सेकंड से मेडल गंवाया था। PT उषा ने खुद कई बार कहा था कि उन्हें खुशी होगी जब उनका रिकॉर्ड टूटेगा। आखिरकार उनकी ही उत्तराधिकारी कही जाने वाली विथ्या ने ही यह कारनामा किया।
