हेल्थ

सिर्फ हड्डियों को टूटने से नहीं बचाता कैल्शियम, मसल्स की मजबूती के लिए भी है जरूरी, कहलाता है सेहत का पावर मिनरल

Importance Of Calcium For Bones Muscles: आमतौर पर लोग ऐसा मानते हैं कि हड्डियों के लिए अगर सबसे जरूरी कोई पोषक तत्व है तो वह है कैल्शियम। लेकिन क्या आप जानते हैं, कैल्शियम हमारे शरीर में कई अन्य जरूरी कार्यों में भी बहुत अहम भूमिका निभाता है। यह हमारी मांसपेशियों को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए भी बहुत आवश्यक है। अगर शरीर में इसकी कमी हो जाती है तो इसके प्रभाव आपके संपूर्ण स्वास्थ्य पर देखने को मिल सकते हैं। चलिए जानते हैं, इसे क्यों पावर मिनरल कहा जाता है।

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Importance Of Calcium For Bones Muscles

Importance Of Calcium For Bones Muscles: कैल्शियम को अक्सर लोग सिर्फ हड्डियों की सेहत से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा बड़ी है। यह मिनरल शरीर की हर छोटी-बड़ी प्रक्रिया में शामिल होता है। मसल्स की ताकत, नर्व सिस्टम की एक्टिविटी और दिल की धड़कन तक को दुरुस्त रखने के लिए कैल्शियम जरूरी है। इसकी कमी से सिर्फ हड्डियां कमजोर नहीं होतीं, बल्कि शरीर सुस्ती, मसल्स ऐंठन और थकान जैसी परेशानियों से जूझने लगता है। इसलिए कैल्शियम को सही मायनों में सेहत का पावर मिनरल कहा जाता है।

कैल्शियम क्यों है सेहत का पावर मिनरल

मसल्स को ताकत देने वाला मिनरल

जब शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम होती है तो सबसे पहले असर मांसपेशियों पर दिखता है। पैरों या हाथों में ऐंठन, मसल्स का खिंचाव और अचानक झटके आना इसकी कमी का साफ संकेत हो सकते हैं। इसका मतलब है कि आपकी मसल्स को सही तरह से सिकुड़ने और रिलैक्स होने के लिए पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल रहा।

हमेशा थका-थका महसूस होना

अगर आप बिना किसी वजह के थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तो यह भी कैल्शियम की कमी का लक्षण हो सकता है। कैल्शियम मसल्स और नर्वस सिस्टम दोनों को ऊर्जा देने का काम करता है। इसकी कमी होने पर शरीर सुस्त हो जाता है और रोज़मर्रा के काम भी मुश्किल लगने लगते हैं।

शरीर में झनझनाहट और सुन्नपन

कभी हाथ-पैरों में झनझनाहट, चेहरे पर सनसनाहट या सुन्नपन महसूस हुआ है? यह भी लो कैल्शियम लेवल का नतीजा हो सकता है। दरअसल, कैल्शियम नर्वस सिस्टम के लिए उतना ही जरूरी है जितना हड्डियों और मसल्स के लिए। इसकी कमी होने पर नर्व सिग्नलिंग सही तरह से काम नहीं कर पाती।

नाखून, बाल और त्वचा पर असर

कैल्शियम की कमी का असर सिर्फ अंदरूनी अंगों पर ही नहीं, बल्कि आपके लुक्स पर भी दिखाई देता है। नाखून जल्दी टूटना, बाल पतले होना या त्वचा का रूखा पड़ना इसकी कमी का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो शरीर की सेल्स कमजोर पड़ने लगती हैं।

दिल की धड़कन पर भी असर

गंभीर कैल्शियम की कमी से हार्टबीट अनियमित हो सकती है। कभी धड़कन तेज होना, कभी बहुत धीमी होना या अजीब तरह का पल्स महसूस होना, यह सब arrhythmia की ओर इशारा करता है, जिसकी जड़ में कैल्शियम की कमी हो सकती है।

हड्डियों के लिए आधारभूत पोषण

बेशक कैल्शियम का सीधा रिश्ता हड्डियों से है। इसकी कमी लंबे समय तक बनी रहे तो हड्डियाँ कमजोर होकर आसानी से टूट सकती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं। इसलिए मसल्स और नर्वस सिस्टम के साथ-साथ हड्डियों की सुरक्षा के लिए भी कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में जरूरी है।

कैल्शियम सिर्फ हड्डियों की मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मसल्स की ताकत, नर्वस सिस्टम और हार्ट हेल्थ का भी आधार है। अगर आप बार-बार थकान, ऐंठन या झनझनाहट महसूस करते हैं तो इसे हल्के में न लें। समय रहते कैल्शियम-समृद्ध डाइट जैसे दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और मेवे को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। याद रखिए, यह मिनरल सचमुच आपकी सेहत का पावर इंजन है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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