हमारे शरीर में मौजूद प्रत्येक अंग का अपना एक अलग महत्व है। इसलिए किसी के भी महत्व को कम करके नहीं देखा जा सकता है। लेकिन बात जब आती है रीढ़ की हड्डी की तो इसका महत्व शरीर में सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। क्योंकि हमारे शरीर का पूरा ढांचा इसी के सहारे खड़ा रहता है। लगभग 100 से ज्यादा जोड़ों से मिलकर बनी रीढ़ यानी स्पाइन हमारे शरीर के न्यूरो सिस्टम का मुख्य हिस्सा होती है। इसलिए अपनी रीढ़ का ख्याल रखना हमारे लिए बहुत जरूरी हो जाता है। आज हम आपको 5 ऐसे योगासन बताने जा रहे हैं, जो आपकी रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
1. भुजंगासन
इस आसन को करने के लिए आप मैट बिछा कर उल्टे लेट जाएं। इसके बाद हाथों को मैट पर जमाएं और धीरे-धीरे अपने शरीर के अगले हिस्से को सांप की तरह ऊपर उठाएं। कुछ देर तक इस मुद्रा में रहने के बाद फिर वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को कम से कम 10-20 बार तक जरूर दोहराएं। यह आपकी रीढ़ को लचीला और मजबूत बना देगा।
2. मार्जरीआसन
इसे कैट-काऊ पोज के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन को करने के लिए वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब अपने दोनों हाथों को फर्श पर आगे की ओर टिका दें। अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके घुटनों के बल 90 डिग्री का कोण बनाए। इसे बाद एक लंबी सांस लें और अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं। इसमे आपकी रीढ़ को ऊपर की ओर उठाना और नीचे की ओर दबाना शामिल है। यह आपकी रीढ़ को मजबूत करने के साथ-साथ लचीला बनाता है।
3. सेतुबंधासन
इसे ब्रिज पोज के नाम से जाना जाता है, यह आसन आपके शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने के साथ-साथ बैलेंस को भी दुरुस्त करता है। इसके करने के लिए आप आप एक मैट बिछाकर उस पर सीधे लेट जाएं। इसके बाद अपने पैरों को घुटनों के सहारे 90 अंश के कोण में रखें। इसके बार आपको कंधों को जमीन पर टिकाए रखने के साथ कूल्हों को ऊपर तक उठाने का प्रयास करना है। इस स्थिति में कुछ देर रुकने का प्रयास करें। यह आपकी रीढ़ के लिए बेहद कारगर योगासन साबित होता है।
4. गोमुखासन
यह आसन आपकी रीढ़ के साथ आपकी लोअर बॉडी को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए कारगर साबित होती है। इसे हठयोग का एक प्रकार भी कहा जाता है। इसे करने के लिए आप वज्रासन में बैठकर अपने एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर रख लें। इसके बाद अपनी कमर को सीधा रखते हुए हाथों के पीछे की और करते हुए लॉक करने का प्रयास करें। यह आपकी रीढ़ को मजबूत करने में कारगर योगासन है।
5. त्रिकोणासन
इसे ट्रायंगल पोज के नाम से जाना जाता है। इसका अभ्यास आप शरीर को फ्लेक्सिबल बनाने और बैली फैट को कम करने को लिए कर सकते हैं। इसके लिए आप सीधे खड़े होकर अपने पैरों के बीच लगभग 2 फुट का अंतर रखें। इसके बाद आपको अपने हाथों को सीधा ऊपर की तरफ उठाना है। अब हाथों को सीधा रखते हुए दाएं और बाएं झुकें। इस प्रक्रिया को लगभग 20-30 बार तक दोहराएं।
