BRICS Summit: दिल्ली में भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के चलते 10 सितंबर से चार दिन तक मध्य, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में यातायात प्रभावित रहने की संभावना है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य लोगों की आवाजाही की व्यवस्था को संभालने के लिए करीब 4,800 यातायात कर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि यातायात प्रतिबंध 10 सितंबर को विदेशी प्रतिनिधियों के आने से लेकर करीब 14 सितंबर को उनके रवाना होने तक लागू रहने की उम्मीद है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था कड़ी
अधिकारियों ने कहा कि इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर लोगों को मार्ग परिवर्तन, यातायात जाम और कुछ समय के लिए सड़कें बंद किये जाने का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले राष्ट्राध्यक्षों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य गणमान्य लोगों की आवाजाही के लिए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना तैयार की गई है।
22 प्रमुख सड़कें होंगी प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार, इससे मध्य, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की कम से कम 22 प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है। इस बीच, एक आधिकारिक पत्र के अनुसार दिल्ली यातायात पुलिस ने 11 सितंबर को पटियाला हाउस कुटुंब अदालत की डिजिटल तरीके से सुनवाई समेत जरूरी व्यवस्थाएं करने का अनुरोध किया है। यातायात पुलिस ने सुझाव दिया है कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद 12 सितंबर को अदालत की छुट्टी रखी जा सकती है।
इन इलाकों पर रहेंगी यातायात पाबंदियां
पत्र में कहा गया है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम, मथुरा रोड, भैरों मार्ग और आसपास के अन्य इलाकों में बड़े स्तर पर सुरक्षा और यातायात पाबंदियां लगाए जाने की संभावना है।
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पत्र में कहा गया है कि इससे अदालत से जुड़े वाहनों और कर्मचारियों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
पत्र में कहा गया है, "उपरोक्त स्थिति को देखते हुए, 11 सितंबर 2026 को पटियाला हाउस कुटुंब अदालत के डिजिटल तरीके से काम करने की संभावना पर कृपया विचार किया जाए। इसके अलावा, 12 सितंबर 2026 को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद अवकाश घोषित किया जाए।"
