हेल्थ

50 प्रतिशत से ज्यादा बीमारियों की एक वजह है खराब गट हेल्थ, ये काम कर लिया तो झट से होगी दुरुस्त, इन चीजों से बनाएं दूरी

How To Improve Gut Health In Hindi: आपने अक्सर देखा होगा कि बहुत से लोगों को आए दिन पाचन संबंधी समस्याएं परेशान करती हैं। यह खराब गट हेल्थ का संकेत हो सकते हैं। आपको बता दें कि शरीर में आधी से ज्यादा बीमारियां खराब गट हेल्थ की वजह से ही बनती हैं। ऐसे में आपको अपनी आंतों की सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है।

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How To Improve Gut Health In Hindi

How To Improve Gut Health In Hindi: सम्पूर्ण शारीरिक स्वास्थ्य के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप अपनी गट हेल्थ का खास ध्यान रखें। सेहत को बनाए रखने में हमारी आंतों की बहुत अहम भूमिका होती है। भोजन के बेहतर पाचन से लेकर, शरीर की इम्यूनिटी, मेंटल हेल्थ दुरुस्त रखने, हार्मोन्स के संतुलन, स्वस्थ मेटाबॉलिज्म, टॉक्सिन्स को नष्ट करने और गंभीर बीमारियों से बचाने गट हेल्थ की बहुत अहम भूमिका होती है। आज के समय में लोग तरह-तरह की खतरनाक बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिनमें पाचन संबंधी समस्याएं, कमजोर इम्यूनिटी, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर को बढ़ना और हृदय रोग सबसे आम हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि शरीर में होने वाली आधी से ज्यादा बीमारियों के पीछे कारण खराब आंत स्वास्थ्य है। लेकिन फिर भी इसे नजरअंदाज किया जाता है।

आज के समय में हम देखते हैं कि ज्यादातर लोग किसी न किसी पाचन संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं। भोजन के बाद अपच, पेट में गैस, ब्लोटिंग, सीने में जलन, एसिड रिफ्लक्स, आंतों में छाले और कब्ज आदि जैसी समस्याएं बहुत आम है। यह दर्शाता है कि आपकी गट हेल्थ ठीक नहीं है। इन्हें खराब गट हेल्थ के संकेतों के रूप में देखा जाता है। अच्छी बात यह है कि कुछ सरल टिप्स की मदद से आसानी से अपनी गट हेल्थ को फिर से दुरुस्त किया जा सकता है। खराब गट हेल्थ का सेहत पर क्या असर पड़ता है, यह कैसे प्रभावित होती है और इसमें सुधार कैसे किया जा सकता है, इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने डॉ अभिषेक दीपक से बात की, जो शारदा हॉस्पिटल और शारदा केयर - हेल्थसिटी के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में कंसल्टेंट डॉक्टर हैं। । चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं..

खराब गट हेल्थ का मतलब होता है

आमतौर पर लोग गट पेट को ही कहते हैं। लेकिन जब खराब गट हेल्थ की बात आती है, तो यह आपकी आंतों की ओर इशारा करता है। हमारी आंत या गट हेल्थ को दुरुस्त रखने में सबसे अहम भूमिका गट माइक्रोबायोम या हमारी आंत में मौजूद बैक्टीरिया की होती है। आंतों में बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाने वाले सहायक या अच्छे बैक्टीरिया और नुकसान पहुंचाने वाले यानी बुरे बैक्टीरिया के साथ ही खमीर के बीच का संतुलन होता है।

जब यह बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ता है, तो इसका हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। यह सिर्फ पाचन स्वास्थ्य के लिए नहीं, हमारी इम्यूनिटी और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि हमारी हमारा 80 प्रतिशत इम्यूनिटी सिस्टम आंत में ही होता है। यहां तक कि सेरोटोनिन नामक हैप्पी हार्मोन भी आंत में ही बनता है, जो हमारे मूड को रेगुलेट रखने में भूमिका निभाता है।

खराब गट हेल्थ की वजह से क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं

  • कमजोर इम्यूनिटी
  • खराब मानसिक स्वास्थ्य, एंग्जायटी और तनाव आदि।
  • महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन
  • वजन बढ़ना
  • खराब पाचन क्रिया
  • डायबिटीज, हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग
  • पोषक तत्वों का खराब अवशोषण
  • शरीर में पोषण की कमी
  • मेटाबॉलिज्म धीमा होना
  • ऑटोइम्यून रोग आदि।
Mistakes That Affect Gut Health In Hindi

Mistakes That Affect Gut Health In Hindi

इन गलतियों से गट हेल्थ को पहुंचता है नुकसान - Mistakes That Affect Gut Health In Hindi

फास्टिंग

आंतों को स्वस्थ रखने और मजबूत बनाने का सबसे आसान तरीका है फास्टिंग। अगर आप 14-16 घंटे कुछ नहीं खाते हैं और सिर्फ पानी पीते हैं, तो इससे आंतों की सूजन कम होगी, गंदगी साफ होगी और बैक्टीरिया बढ़ेंगे। कोशिश करें कि रात में 6 बजे के बाद कुछ न खाएं और अगले दिन 10-11 बजे के बाद ही कुछ खाएं। ऐसा कुछ दिन करने से ही आपकी गट हेल्थ बेहतर होगी।

मेंटल हेल्थ का ख्याल रखें

बहुत अधिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी स्थितियों की वजह से भी हमारी गट हेल्थ प्रभावित होती है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि न इनमें हमेशा मैनेज करके रखना चाहिए।

खराब खानपान

जब हम तला-भुना, जंक फूड्स, चीनी, मिठाई, सोडा, कोला, पिज्जा-बर्गर, चिप्स नमकीन आदि का सेवन करते हैं, तो यह हमारी आंतों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। इनमें पोषण न के बराबर होता है और ये हानिकारक कणों से भरपूर होते हैं। ये आंतों में सूजन बढ़ाते हैं।

अधिक दवाओं का सेवन

जो लोग लंबे समय से एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाएं ले रहे हैं, या फिर बार-बार इनका सेवन करते हैं, उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ये दवाएं आंत के बैक्टीरिया के संतुलन को प्रभावित करती हैं।

गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए क्या करें - How To Improve Gut Health In Hindi

आंतों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी डाइट और जीवनशैली में सुधार करें। खराब खानपान और जीवनशैली से जुड़ी आदतें आंतों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। यह आंतों में मौजूद बैक्टीरिया के संतुलन को प्रभावित करते हैं और आपको बीमार बनाने में योगदान देते हैं। हालांकि, स्वस्थ जीवनशैली को फॉलो करके आसानी अपनी गट हेल्थ को दुरुस्त रखने में मदद मिल सकती है जैसे,

भरपूर पानी पिएं

आंतों की गंदगी को साफ करने और भोजन के बेहतर पाचन में मदद करने के लिए नियमित पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है। हालांकि, भोजन से 30 मिनट पहले बाद तक बहुत अधिक पानी पीने से बचना चाहिए। दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं।

अच्छी डाइट

आंतों को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपनी डाइट का खास ध्यान रखें। डाइट में पर्याप्त मात्रा में फाइबर से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करें। कोशिश करें कि हल्का और पचने में आसान भोजन करें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और ड्राई फ्रूट, बीज आदि आंतों के लिए फायदेमंद होते हैं।

गट बैक्टीरिया बढ़ाएं

आंतों में गुड बैक्टीरिया के संतुलन को बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए कोशिश करें कि डाइट में प्रोबायोटिक्स जरूर शामिल करें। दही, छाछ, किमची, केफिर, इडली, डोसा आदि जैसे फर्मेंटेड फूड्स आंतों गुड बैक्टीरिया बढ़ाते हैं। इसलिए इन्हें डाइट का हिस्सा बनाएं।

शारीरिक रूप से एक्टिव रहें

गट हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप कोई न कोई फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें। आप रोज 40-45 मिनट पैदल चल सकते हैं, स्विमिंग, रनिंग, साइकिलिंग, सीढ़ियां चढ़ना-उतरना जैसी हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं। योग, मेडिटेशन और जिम में वेट ट्रेनिंग करना भी बहुत लाभकारी हो सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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