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कहीं आप भी तो नहीं ले रहे ठंड में नकली च्यवनप्राश का स्वाद, ऐसे करें असली की पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Dec 21, 2022, 01:06 PM IST

Chyawanprash Check Real or Fake: च्यवनप्राश खाने से आप सर्दी-जुकाम, फ्लू और फेफड़ों जैसे बीमारियों से बच सकते हैं। इसके अलावा च्यवनप्राश खाने से आप अपनी इम्यूनिटी भी मजबूत कर सकते हैं। लेकिन आज की मिलावटी दुनिया में च्यवनप्राश भी नकली आने लगा है।

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ऐसे करें असली च्यवनप्राश की पहचान।

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Chyawanprash Check Real or Fake: ठंड का मौसम शुरू होते ही लोग बीमारियों से बचने के लिए च्यवनप्राश (Chyawanprash) खाते हैं। च्यवनप्राश खाने से आप सर्दी-जुकाम, फ्लू और फेफड़ों जैसे बीमारियों से बच सकते हैं। इसके अलावा च्यवनप्राश खाने से आप अपनी इम्यूनिटी (Immunity) भी मजबूत कर सकते हैं, लेकिन आज की मिलावटी दुनिया में च्यवनप्राश भी नकली आने लगा है।

नकली च्यवनप्राश (Fake Chyawanprash) खाने से आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि असली च्यवनप्राश की पहचान कैसे करें। इसी को लेकर आज हम कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जहां आप च्यवनप्राश के असली या नकली होने का पता कर सकते हैं।

इन तरीकों से करें असली च्यवनप्राश की पहचान:-

  1. च्यवनप्राश को चेक करने का सबसे आसान तरीका ये है कि आप इसे चख कर देखें। अगर च्यवनप्राश खाने में आपको मीठा लगे तो समझ लीजिए की इसमें चीनी मिली हुई है और ये नकली है।
  2. च्यवनप्राश को चेक करने का एक तरीका ये है कि आप इसे पानी या दूध में डालकर देखें। अगर ये पानी या दूध में घुल जाए तो इसका मतलब ये है कि ये च्यवनप्राश नकली है।
  3. च्यवनप्राश को चेक करने का एक तरीका ये भी है कि आप इसे सूंघ कर देखें। दरअसल असली च्यवनप्राश से हमेशा ही दालचीनी, इलायची और पिप्पली की तेज खुशबू आती है।
पांच मिनट में घर पर जानें आपका च्यवनप्राश असली है या नकली, आसान है तरीका

सर्दियों में च्यवनप्राश खाने से शरीर में गर्मी बनी रहती है। मेंटल एबिलिटी को बढ़ाने में च्यवनप्राश काफी फायदेमंद होता है। साथ ही अनिद्रा और अल्जाइमर जैसी बीमारियों में च्यवनप्राश जरूरी खाना चाहिए। च्यवनप्राश खाने से आपकी स्किन भी साफ रहती है। इसके अलावा ये झुर्रियां और दाग-धब्बे आदि को भी दूर करता है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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