स्ट्रोक के मरीजों के लिए अच्छी खबर, AIIMS की रिसर्च में सामने आया घर बैठे इलाज, बस 10 मिनट करना होगा ये काम
- Authored by: Vineet
- Updated Feb 1, 2026, 04:30 PM IST
AIIMS Research On Sunlight And Stroke Recovery: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एर नई रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है। बता दें कि रिसर्च में एक ऐसा घरेलू उपाय सामने आया है जो स्ट्रोक के मरीजों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। स्टडी के मुताबिक, रोज 10 मिनट एक सिंपल सा काम करने से स्ट्रोक के मरीजों की रिकवरी तेज और जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है। चलिए जानते हैं आखिर क्या है पूरी खबर...
रोज ब 10 मिनट की आदत जल्द ठीक करेगी स्ट्रोक
AIIMS Research On Sunlight And Stroke Recovery: हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि स्ट्रोक कितनी खतरनाक बीमारी है। यह एक ऐसी बीमारी है, जो अचानक जिंदगी की रफ्तार रोक देती है। इससे पीड़ित व्यक्ति को बोलने में दिक्कत, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी और रोजमर्रा के कामों में परेशानी जैसी समस्याएं फेस करनी पड़ती हैं। लेकिन अब स्ट्रोक के मरीजों और उनके परिवार के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एक नई रिसर्च बताती है कि इलाज के साथ-साथ एक बेहद आसान घरेलू तरीका भी है जो मरीजों की जल्द रिकवरी में मदद कर सकता है। खास बात यह है कि इसके लिए न दवाइयों की जरूरत है और न ही किसी मशीन की, बस रोज 10 मिनट सिंपल सा काम करना है। चलिए इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।
AIIMS की स्टडी में क्या सामने आया
दिल्ली AIIMS की इस रिसर्च में यह देखा गया कि स्ट्रोक के मरीज अगर रोज थोड़ी देर सूरज की रोशनी में बैठते हैं, तो उनकी रिकवरी बेहतर होती है। रिसर्च के मुताबिक, जो मरीज रोज़ाना करीब 10 मिनट सुबह की धूप लेते हैं, उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत में साफ सुधार देखा गया। इससे उनकी जीवन गुणवत्ता यानी क्वालिटी ऑफ लाइफ भी बेहतर हुई।
धूप और विटामिन D का सीधा कनेक्शन
सूरज की रोशनी शरीर में विटामिन D बनाने में मदद करती है। AIIMS की स्टडी के अनुसार, स्ट्रोक के मरीजों में अक्सर विटामिन D की कमी पाई जाती है। यह कमी मांसपेशियों की कमजोरी, थकान और धीमी रिकवरी का कारण बन सकती है। नियमित धूप लेने से विटामिन D का स्तर सुधरता है, जिससे शरीर की ताकत और संतुलन धीरे-धीरे बेहतर होता है।
रिकवरी और मूड पर भी दिखा असर
इस रिसर्च में यह भी पाया गया कि धूप लेने वाले मरीजों का मूड ज्यादा पॉजिटिव रहता है। स्ट्रोक के बाद डिप्रेशन और चिंता आम समस्या है, लेकिन सूरज की रोशनी से मानसिक स्वास्थ्य पर भी अच्छा असर पड़ता है। मरीज खुद को ज्यादा एक्टिव और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करते हैं।
घर बैठे कैसे अपनाएं ये आसान तरीका
एम्स की रिसर्च के मुताबिक, स्ट्रोक मरीजों को सुबह की हल्की धूप में बैठना चाहिए। इस दौरान चेहरे, हाथ या पैरों पर धूप पड़ना काफी होता है। ध्यान रहे कि यह धूप बहुत तेज न हो और समय 10 मिनट के आसपास ही रखा जाए। यह तरीका मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं, बल्कि उसके साथ सपोर्ट के तौर पर मदद करता है।
डॉक्टर की सलाह अब भी जरूरी
रिसर्च यह साफ कहती है कि धूप लेना फायदेमंद जरूर है, लेकिन स्ट्रोक के मरीजों को अपनी दवाएं, फिजियोथेरेपी और डॉक्टर की सलाह बिल्कुल नहीं छोड़नी चाहिए। धूप को सिर्फ एक सहायक इलाज के रूप में अपनाना ही सही तरीका है।