Sleep Importance For Blood Sugar Control: क्या आप डायबिटीज से परेशान हैं और ब्लड शुगर कंट्रोल नहीं हो पा रहा? हो सकता है कि इसकी एक वजह आपकी नींद भी हो। हेल्थ एक्सपर्ट और आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार बताती हैं कि हमारी नींद का सीधा असर हमारी शुगर लेवल पर पड़ता है। कम नींद लेने से शरीर में स्ट्रेस और भूख बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ता है और शुगर लेवल बिगड़ने लगता है। अगर आप शुगर को नैचुरली कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अपनी नींद को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।
नींद का शुगर लेवल से गहरा रिश्ता
कम नींद लेने से आपके शरीर की जैविक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक) बिगड़ जाती है, जिससे मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है। इससे ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है। डॉ. दीक्षा कहती हैं कि अच्छी नींद से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और शरीर शुगर को बेहतर तरीके से प्रोसेस कर पाता है।
स्ट्रेस और भूख हार्मोन हो जाते हैं एक्टिव
जब हम पूरी नींद नहीं लेते, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) और भूख बढ़ाने वाला हार्मोन (घ्रेलिन) ज़्यादा बनने लगता है। इससे हम ज्यादा खाते हैं और शरीर फैट को बर्न नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाता है कम सोना
नींद की कमी से इंसुलिन का असर कम हो जाता है। शरीर में मौजूद ग्लूकोज कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता, जिससे शुगर का स्तर सामान्य से ऊपर चला जाता है और डायबिटीज को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है।
सही समय पर सोना है बेहद जरूरी
रात को 10 बजे से पहले सोना और सुबह 6 बजे तक उठ जाना, शरीर के हार्मोन बैलेंस के लिए फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट कहती हैं कि यह आदत हमारे मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करती है और शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करती है।
नींद के साथ अपनाएं आयुर्वेदिक सपोर्ट
केवल नींद ही नहीं, एक्सरसाइज, संतुलित खानपान और आयुर्वेदिक हर्बल चूर्ण या हर्बल टी भी शुगर मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं। ये उपाय शुगर को नेचुरली बैलेंस करने में मदद करते हैं।
निष्कर्ष
अगर आप डायबिटीज से बचना या उसे कंट्रोल करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी नींद को दुरुस्त कीजिए। नींद न सिर्फ आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि यह आपके ब्लड शुगर को भी संतुलित बनाए रखती है। आज से ही बेहतर नींद की आदत डालें और शुगर को नेचुरली कंट्रोल में रखें।
