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प्रेग्नेंसी में Heatwave बन सकती है मुसीबत, मां और बच्चा दोनों पर पड़ता है असर, जानें कौन सी 5 गलतियां भूलकर भी न करें

How Heatwave Impacts Pregnancy: प्रेग्नेंसी में हीटवेव यानी लू शरीर में मां और बच्चा दोनों की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। चलिए डॉक्टर से जानते हैं हीटवेव के दौरान गर्भवती महिलाएं किन गलतियों से बचें।

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प्रेग्नेंसी में हीटवेव के दौरान भूलकर न करें ये गलतियां

How Heatwave Impacts Pregnancy: गर्मी का मौसम हर किसी को परेशान करता है, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह मौसम ज्यादा मुश्किल भरा हो सकता है। तेज धूप और लू की वजह से शरीर जल्दी थक जाता है और पानी की कमी होने लगती है। प्रेग्नेंसी में वैसे ही शरीर के अंदर कई बदलाव हो रहे होते हैं, इसलिए गर्मी का असर ज्यादा महसूस होता है। कई महिलाओं को चक्कर आना, घबराहट, कमजोरी, ज्यादा पसीना आना और नींद न आने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान न रखा जाए तो इसका असर मां के साथ-साथ पेट में पल रहे बच्चे पर भी पड़ सकता है। इसलिए गर्मियों में गर्भवती महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

प्रेग्नेंसी में गर्मी क्यों ज्यादा परेशान करती है

रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, दिल्ली में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. साक्षी गोयल बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर पहले से ज्यादा मेहनत करता है। शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ा रहता है और दिल को भी ज्यादा काम करना पड़ता है। ऐसे में जब बाहर बहुत ज्यादा गर्मी होती है तो शरीर जल्दी थकने लगता है। इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को कमजोरी, चक्कर, बेचैनी और शरीर भारी लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार गर्मी की वजह से चिड़चिड़ापन और तनाव भी बढ़ जाता है।

सिर्फ शरीर नहीं दिमाग पर भी पड़ता है असर

सीके बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी विभाग की डायरेक्टर डॉ. तृप्ति रहेजा के मुताबिक, बहुत ज्यादा गर्मी होने पर नींद ठीक से नहीं आती। जब शरीर को आराम नहीं मिलता तो मूड खराब रहने लगता है। छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आना, घबराहट होना या मन परेशान रहना भी आम बात है। प्रेग्नेंसी में महिलाएं पहले से ही भावनात्मक बदलावों से गुजरती हैं, इसलिए गर्मी उनकी परेशानी को और बढ़ा सकती है।

शरीर में पानी की कमी बन सकती है बड़ी परेशानी

नोएडा की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ कंसल्टेंट डॉ. श्रृष्टि सालवाटकर कहती हैं कि प्रेग्नेंसी में शरीर में पानी की कमी होना खतरनाक हो सकता है। कई महिलाओं को शुरुआत में ज्यादा उल्टी होती है, जिससे शरीर कमजोर होने लगता है। अगर ऊपर से तेज गर्मी भी हो तो पानी की कमी जल्दी हो सकती है। इसकी वजह से पेशाब में जलन, कब्ज, कमजोरी और चक्कर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादा लापरवाही करने पर बच्चे की सेहत पर भी असर पड़ सकता है और बच्चे का वजन कम हो सकता है।

इन संकेतों को नजरअंदाज न करें

अगर प्रेग्नेंट महिला को बहुत ज्यादा कमजोरी लगे, बार-बार चक्कर आए, दिल तेजी से धड़कने लगे या बहुत घबराहट महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से बात करनी चाहिए। मुंह सूखना, कम पेशाब आना और लगातार थकान रहना भी शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना सही नहीं है।

हीटवेव में ये 5 गलतियां भूलकर न करें

गर्मी और लू के मौसम में प्रेग्नेंट महिलाओं को कुछ छोटी-छोटी बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। कई बार अनजाने में की गई गलतियां सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ये 5 गलतियां बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

  • तेज धूप और लू में ज्यादा देर बाहर न रहें
  • दिनभर कम पानी पीने की गलती न करें
  • बहुत टाइट या भारी कपड़े पहनने से बचें
  • ज्यादा भागदौड़ और भारी काम न करें
  • चक्कर, घबराहट या कमजोरी को नजरअंदाज न करें

गर्मी में गर्भवती महिलाएं कैसे रखें अपना ख्याल

डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाओं को दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना चाहिए। बहुत तेज धूप में बाहर जाने से बचना चाहिए और अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को आराम मिले। घर में हवा आने-जाने का इंतजाम रखें और ज्यादा भागदौड़ या भारी काम करने से बचें। साथ ही अगर ज्यादा उल्टी, कमजोरी या बेचैनी महसूस हो तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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