हेल्थ

सेहत के लिए अमृत, मगर गठिया के मरीजों के लिए जहर साबित हो सकती हैं ये सब्जी, बढ़ा देती हैं जोड़ों का दर्द

Bad Vegetables For Arthritis Patient: आपने अक्सर देखा होगा कि बहुत से लोग ये शिकायत करते हैं कि वे सबकुछ हेल्दी खाते हैं, फिर भी उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करती हैं। ऐसा इसलिए क्यों यह जरूरी नहीं कि जो चीज दूसरों के लिए अच्छा काम करे, आपके लिए भी समान ही काम करेगी। ऐसा ही गठिया के मरीजों के साथ भी देखने को मिलता है, कुछ हेल्दी सब्जियां खाने से भी उनकी परेशानी बढ़ जाती है। यहां जानें ऐसी ही कुछ सब्जियां...

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Bad Vegetables For Arthritis Patient

Bad Vegetables For Arthritis Patient: हममें से ज्यादातर लोग मानते हैं कि सब्जियां सेहत के लिए हमेशा फायदेमंद होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आम सब्जियां गठिया और जोड़ों के दर्द में जहर का काम कर सकती हैं? जी हां, इंस्टाग्राम इन्फ्लूएंसर हेल्थ एक्सपर्ट और आयुर्वेदाचार्य डॉ. चैताली राठौड़ कहती हैं कि हर शरीर एक जैसा नहीं होता और हर सब्जी सभी के लिए सही नहीं होती। खासकर अगर किसी को गठिया, साइटिका, गाउट या हड्डियों से जुड़ी दिक्कतें हैं, तो कुछ सब्जियों से परहेज करना जरूरी है। आइए जानते हैं कौन-सी सब्जियां इन स्थितियों में तकलीफ बढ़ा सकती हैं।

गठिया के मरीजों के लिए जहर से कम नहीं ये हेल्दी सब्जियां - Healthy Vegetables That Are Bad For Arthritis Patient In Hindi

टमाटर

टमाटर आमतौर पर हर सब्जी में इस्तेमाल होता है और स्वाद बढ़ाने वाला माना जाता है। लेकिन डॉ. चैताली राठौड़ के अनुसार, आयुर्वेद में इसे खट्टे और गर्म स्वभाव का माना गया है। ये पित्त और वात दोष को बढ़ा सकता है, जिससे गठिया के मरीजों को सूजन और दर्द की शिकायत और ज्यादा हो सकती है। इसलिए अगर आपके जोड़ों में पहले से सूजन या जलन रहती है, तो टमाटर से दूरी बनाना बेहतर होगा।

ग्वार फली

ग्वार की फली सेहतमंद मानी जाती है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर में आम यानी विषैले तत्वों को और ज्यादा बढ़ा सकती है, खासकर जब पाचन सही न हो। यह वात और पित्त दोष को भी उभार सकती है। गठिया या जोड़ों के दर्द में यह सब्जी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए ऐसी स्थिति में इसे या तो पूरी तरह से टालें या बहुत सीमित मात्रा में ही खाएं।

बैंगन

बैंगन को अक्सर सब्जियों का राजा कहा जाता है, लेकिन यह भी पचने में भारी और पित्त को बढ़ाने वाला होता है। डॉ. राठौड़ बताती हैं कि बैंगन गठिया, त्वचा की समस्याएं और पाचन के रोगों में हालात और बिगाड़ सकता है। अगर खाना ही है तो इसे तिल के तेल में पकाकर और कम मात्रा में लेना चाहिए।

हर सब्जी सबके लिए नहीं होती

बहुत से लोग सोचते हैं कि अगर किसी चीज में पोषक तत्व हैं तो वो सेहत के लिए फायदेमंद ही होगी। लेकिन आयुर्वेद कहता है कि हर चीज हर शरीर के लिए सही नहीं होती। शरीर का स्वभाव, रोग की स्थिति और दोषों का संतुलन ये तय करते हैं कि कौन-सी चीज़ आपके लिए अमृत है और कौन-सी ज़हर।

भोजन ही सबसे बड़ी दवा है

डॉ. चैताली राठौड़ इस बात पर ज़ोर देती हैं कि अगर आप गठिया, गाउट या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, तो अपने खाने में बहुत सोच-समझकर चीजें शामिल करें। कई बार जो चीजें आम तौर पर सेहतमंद मानी जाती हैं, वही किसी खास बीमारी में परेशानी बढ़ा सकती हैं। इसलिए खाने को दवा मानें और शरीर के अनुसार सही चुनाव करें।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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