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बिना मेहनत केवल आराम से बैठे-बैठे करें ये सिंपल सा आसन, सेहत को मिलेंगे कई तरह के फायदे

योग हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है और पद्मासन इसका एक महत्वपूर्ण आसन है। इसे 'कमलासन' भी कहते हैं, क्योंकि इसकी मुद्रा कमल के फूल जैसी दिखती है। नियमित रूप से पद्मासन करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं।

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Benefits of Padmasana

रोजाना कई तरह के योगासन करने की सलाह हमे अक्सर दी जाती है। लेकिन कुछ योगासन करने में हमें काफी मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन कुछ ऐसे योगासन भी हैं, जो आपको बिना ज्यादा मेहनत के भी भरपूर फायदे पहुंचाते हैं। आज ऐसे ही एक कारगर योगासन पद्मासन के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार पद्मासन या कमलासन करने से कई शारीरिक और मानसिक लाभ मिलते हैं। पद्मासन ध्यान और शांति बढ़ाने में मदद करता है। यह मस्तिष्क को शांत करता है। साथ ही तनाव और चिंता को भी कम करता है।

पाचन होगा मजबूत

यह आसन पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। यह आसन रीढ़ को सीधा रखता है, जिससे पीठ दर्द और गलत मुद्रा में बैठकर काम करने से होने वाली कई समस्याओं में सुधार होता है।

लचीला होगा शरीर

साथ ही यह कूल्हों, घुटनों और टखनों को लचीला बनाता है, जिससे गठिया की वजह से होने वाले दर्द में राहत मिलती है। यही नहीं, यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे थकान कम होती है और शरीर की एनर्जी बढ़ती है।

कैसे करें पद्मासन?

हेल्थ एक्सपर्ट पद्मासन करने की सरल विधि विस्तार से समझाते हैं। इसके लिए साफ और शांत जगह का चुनाव करना चाहिए। अब जमीन पर सीधे बैठें और दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं। दाहिने पैर को मोड़कर बाएं जांघ पर रखें, ताकि एड़ी नाभि के पास हो और बाएं पैर को मोड़कर दाहिनी जांघ पर रखें। दोनों पैरों की एड़ियां एक-दूसरे के पास हों। इसके बाद रीढ़ सीधी रखें, दोनों हाथ घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें। सही मुद्रा में बैठने के बाद गहरी सांस लें और 1-2 मिनट तक इस मुद्रा में ही रहें। शुरुआत में इस आसन को 20 से 30 ही करना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे समय बढ़ाना चाहिए।

सावधानी भी बरतें

हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट कुछ सावधानियां बरतने की भी सलाह देते हैं। यदि घुटनों या कूल्हों में दर्द है, तो इस आसन को जबरदस्ती नहीं करना चाहिए। प्रेग्नेंट महिलाओं या हाल ही में सर्जरी करवाने वालों को भी डॉक्टर की सलाह के बाद यह आसन करना चाहिए। खाली पेट या भोजन के 3-4 घंटे बाद इस आसन को करना चाहिए।

इनपुट - आईएएनएस

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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