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Gym Mistakes: लोअर बैक ट्रेनिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी इंजरी

Gym Mistakes: लोअर बैक (कमर के निचले हिस्से) को मजबूत करने के लिए जिम जाने वाले कई लोग एक्सरसाइज तो करते हैं लेकिन, सही फॉर्म ना पता होने की वजह से वह लोअर बैक को चोटिल कर लेते हैं।

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लोअर बैक ट्रेनिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान (फोटो: Pinterest)

Gym Mistakes: बाइसेप्स, चेस्ट और शोल्डर को मजबूत करना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी लोअर बैक (कमर के निचले हिस्से) की एक्सरसाइज भी है। अगर आप लोअर बैक की एक्सरसाइज करते हैं तो यह ना केवल आपकी बॉडी की ताकत बढ़ाती है, बल्कि रोजमर्रा के कामों में भी मदद करती है। लेकिन, अगर आपको इससे जुड़ी एक्सरसाइज के बारे में सही जानकारी नहीं है तो इसे गलत करने से कमर में दर्द, मसल्स स्ट्रेन और गंभीर चोट भी आपको लग सकती है। अगर आप भी जिम में लोअर बैक की ट्रेनिंग करते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

गलत फॉर्म सबसे बड़ी वजह बनती है चोट की

लोअर बैक की एक्सरसाइज करते समय अगर आपकी फॉर्म गलत है तो आज नहीं तो कल आपका चोटिल होना तय है। दूसरों को देखकर या फिर जल्दी रिजल्ट पाने के चक्कर में अगर आप बिना फॉर्म को ठीक किए भारी वजन उठाते हैं और अपनी कमर को जरूरत से ज्यादा मोड़ देते हैं तो रीढ़ की हड्डी के लिए यह बड़ा खतरा है। फिटनेस ट्रेनर की निगरानी में ही एक्सरसाइज करें और एक्सरसाइज करते समय झटके न लगाएं और हर रेप को कंट्रोल के साथ पूरा करें। अगर आपकी फॉर्म बिगड़ रही है, तो वजन तुरंत कम कर दें।

लोअर बैक की एक्सरसाइज सही तरीके से कैसे करें?

शरीर के किसी भी अन्य बॉडी पॉर्ट की ही तरह लोअर बैक की ट्रेनिंग शुरू करने से पहले भी आपको 5 से 10 मिनट का वार्म-अप करना बेहद जरूरी है। हल्के वजन से शुरुआत करें पहले सेट में ही भारी वजन न लगाएं और धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं। कुछ सुरक्षित और असरदार एक्सरसाइज हैं जिन्हें आप कर सकते हैं।

बैक एक्सटेंशन: कमर को जरूरत से ज्यादा पीछे न ले जाएं। केवल शरीर के सीधा होने तक ही ऊपर आएं।

बर्ड डॉग: शुरुआती लोगों के लिए बेहतरीन एक्सरसाइज है। इससे लोअर बैक और कोर दोनों मजबूत होते हैं।

सुपरमैन होल्ड: इसे धीरे-धीरे करें और शुरुआत में 10-15 सेकंड तक होल्ड करें।

ग्लूट ब्रिज: यह एक्सरसाइज ग्लूट्स के साथ लोअर बैक को भी मजबूत बनाती है और कमर पर ज्यादा दबाव नहीं डालती।

कौन-सी एक्सरसाइज करते समय रखें सबसे ज्यादा सावधानी?

कुछ एक्सरसाइज ऐसी हैं जिन्हें गलत फॉर्म के साथ करने पर चोट का खतरा काफी बढ़ जाता है।

डेडलिफ्ट: अगर सही तकनीक नहीं आती तो भारी वजन के साथ बिल्कुल भी डेडलिफ्ट करने का जोखिन न लें। किसी अनुभवी ट्रेनर से इसकी फॉर्म सीखकर ही इस एक्सरसाइज को करें। अकेले या सिर्फ यूट्यूब से देखकर इसे करने का प्रयास न करें।

स्टेंडिंग बार्बल फॉर्वर्ड बेंड: या जरूरत से ज्यादा झुकने वाली एक्सरसाइज है जिसमें लोवर बैक पर काफी दबाव पड़ता है। बिना सही गाइडेंस के इसे करने से बचें। इसके अलावा, अगर पहले से कमर में दर्द है तो भारी लोअर बैक एक्सरसाइज करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह जरूर लें।

इन गलतियों से हमेशा बचें

कई लोग लोअर बैक की ट्रेनिंग के दौरान कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो चोट का कारण बन जाती हैं। बिना वार्म-अप किए एक्सरसाइज शुरू करना। क्षमता से ज्यादा वजन उठाना। हर रेप में झटके लगाना। कमर को जरूरत से ज्यादा मोड़ना या पीछे झुकाना। दर्द होने के बावजूद एक्सरसाइज जारी रखना। कोर मसल्स को एक्टिव न रखना। रिकवरी और आराम को नजरअंदाज करना।

रिकवरी भी है बेहद जरूरी

मजबूत लोअर बैक के लिए सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं रिकवरी भी बेहद जरूरी है। बाकी मसल्स की तरह लोअर बैक की मसल्स को भी रिकवर होने के लिए समय लगता है। सही फॉर्म के साथ सप्ताह में 1-2 बार लोवर बैक की ट्रेनिंग पर्याप्त है। इसके अलावा पर्याप्त नींद लें, प्रोटीन और संतुलित आहार का सेवन करें और शरीर को हाइड्रेट रखें।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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