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दिमाग में पानी भरना हो सकता है खतरनाक! ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान, ब्रेन हो सकता है डैमेज

Water In Brain Hydrocephalus Symptoms In Hindi: अगर दिमाग में पानी भर जाए तो यह जानलेवा हो सकता है। समय पर पहचान और इलाज न हो तो ब्रेन को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। जानिए दिमाग में पानी भरने के मुख्य लक्षण और कब तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

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Fluid In Brain Hydrocephalus Symptoms In Hindi

Fluid In Brain Hydrocephalus Symptoms In Hindi: कभी-कभी हमारे दिमाग में ऐसा दबाव बनने लगता है, जिसकी हमें शुरुआत में भनक भी नहीं लगती। इसे मेडिकल भाषा में हाइड्रोसिफेलस कहा जाता है, लेकिन आम भाषा में कहें तो यह दिमाग में पानी भरने की समस्या है। इसमें ब्रेन के अंदर फ्लूइड जरूरत से ज्यादा जमा होने लगता है, जो धीरे-धीरे दिमाग को नुकसान पहुंचाने लगता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए तो यह स्थायी ब्रेन डैमेज का कारण भी बन सकता है। इसलिए जरूरी है कि इसके लक्षणों को समय पर पहचाना जाए।

दिमाग में पानी भरने के लक्षण - Dimag Mein Pani Bharne Ke Lakshan

सिर में लगातार दर्द रहना

अगर आपके सिर में अक्सर भारीपन या तेज सिरदर्द बना रहता है, तो इसे नज़रअंदाज न करें। खासकर अगर दर्द सुबह के वक्त ज्यादा होता है, तो ये दिमाग में फ्लूइड प्रेशर का संकेत हो सकता है।

बार-बार उल्टी या जी मिचलाना

दिमाग में फ्लूइड बढ़ने से पेट भी प्रभावित होता है। ऐसे में बिना किसी वजह के उल्टी आना या लगातार मतली महसूस होना एक गंभीर संकेत हो सकता है।

देखने में परेशानी होना

कभी-कभी आंखों के सामने धुंधलापन आना या चीजें दो-दो दिखने लगती हैं। ये संकेत ब्रेन में बढ़ते दबाव का हो सकता है, जिसे अनदेखा करना भारी पड़ सकता है।

चलने में असंतुलन

अगर अचानक चलने में झिझक या लड़खड़ाहट महसूस होने लगे, तो ये न्यूरोलॉजिकल बदलाव का हिस्सा हो सकता है। दिमाग पर दबाव बढ़ने से बॉडी का बैलेंस बिगड़ने लगता है।

याददाश्त में कमी या व्यवहार में बदलाव

अक्सर देखा गया है कि इस स्थिति में इंसान की सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ता है। भूलने की आदत, चिड़चिड़ापन या अजीब व्यवहार भी इसके लक्षण हो सकते हैं।

समय पर इलाज है जरूरी

अगर इन लक्षणों में से कोई भी लगातार बना रहता है, तो तुरंत न्यूरोलॉजिस्ट से मिलें। समय पर इलाज मिलने से इस बीमारी को कंट्रोल में लाया जा सकता है और ब्रेन डैमेज से बचा जा सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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