Ebola Virus Alert: उत्तराखंड इन दिनों पर्यटन और तीर्थयात्रा के चरम सीजन से गुजर रहा है। चारधाम यात्रा, पहाड़ों का पर्यटन और गर्मी की छुट्टियों के चलते राज्य में लाखों पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने दुनिया भर में फैले इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है और संबंधित अधिकारियों तथा स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। हालांकि फिलहाल राज्य में इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन वैश्विक स्तर पर संक्रमण की स्थिति को देखते हुए एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं इबोला के लक्षण क्या हैं और कब बरतनी हैं सावधानी।
क्या है इबोला वायरस
इबोला वायरस एक गंभीर संक्रमण है और कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है, जिसे इबोला वायरस डिजीज (EVD) कहा जाता है। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के शरीर के तरल पदार्थों जैसे खून, पसीना, लार, उल्टी या अन्य स्रावों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। अफ्रीका के कई देशों में इसके मामले समय-समय पर देखने को मिल जाते हैं। यह एक गंभीर सक्रमण है, इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान और सतर्कता बेहद जरूरी मानी जाती है।
इबोला के शुरुआती लक्षण क्या हैं
इबोला संक्रमण के लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति गंभीर हो सकती है। इसके प्रमुख लक्षण लेख में आगे बताए गए हैं।
- अचानक तेज बुखार आना
- अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना
- सिरदर्द और शरीर में दर्द होना
- गले में खराश रहना
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- उल्टी और दस्त होना
- पेट दर्द होना
- गंभीर कंडीशन में शरीर के अंदर या बाहर ब्लीडिंग होना
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को ऐसे लक्षण दिखाई दें और उसने हाल ही में किसी प्रभावित क्षेत्र की यात्रा की हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
उत्तराखंड सरकार ने क्यों जारी किया अलर्ट
पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग उत्तराखंड पहुंचते हैं। यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। एयरपोर्ट, बस अड्डों और अन्य प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर भी स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बरतने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य किसी भी संभावित संक्रमण की स्थिति में समय रहते पहचान करना और नियंत्रण को सुनिश्चित करना है, ताकि आम लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा से किसी तरह की खिलवाड़ न हो सके।
कैसे करें संक्रमण से बचाव
इबोला वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके लिए कुछ जरूरी सावधानियां इस प्रकार हैं-- हाथों की सफाई रखें प्राथमिकता
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से बचें
- यात्रा के दौरान सतर्क रहें
- स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करें
जागरुक रहना है जरूरी
इबोला वायरस का नाम सुनते ही चिंतित होना स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल उत्तराखंड में इसके किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सरकार द्वारा जारी अलर्ट को एहतियाती कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर पहचान और सही सावधानियों के जरिए किसी भी संभावित खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
