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Mental Health Tips: शरीर थक जाता है, लेकिन दिमाग क्यों नहीं रुकता? जानिए रात में ज्यादा सोचने की असली वजह

Mental Health Tips: कई बार शरीर आराम करना चाहता है, लेकिन दिमाग मानो ऑफ होने का नाम ही नहीं लेता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आप अकेले नहीं हैं।

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जानिए रात में ज्यादा सोचने की असली वजह (फोटो: AI)

Mental Health Tips: आपके साथ भी कभी ना कभी पूरा दिन काम करने के बाद ऐसा हुआ होगा कि शरीर बुरी तरह थक गया है। आंखें भारी हो गई होंगी और ऐसा लगा होगा कि बिस्तर पर लेटते ही नींद आ जाएगी। लेकिन जैसे ही आप सोने की कोशिश की होगी दिमाग अचानक एक्टिव हो गया होगा। आंखे बंद करते ही कभी पुराने किस्से याद आने लगे होंगे, कभी भविष्य की चिंता सताने लगी होगी और कभी ऐसी बातें याद आती होंगी जिनके बारे में पूरे दिन आपने सोचा भी नहीं होगा। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं।

रात में अचानक क्यों बढ़ जाती है सोच

काम, पढ़ाई, फोन कॉल, सोशल मीडिया और दूसरी जिम्मेदारियों में दिनभर हमारा ध्यान बंटा रहता है। लेकिन, रात में जब सब कुछ शांत हो जाता है, तो दिमाग का एक हिस्सा ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जो हमें अपने बारे में सोचने, पुरानी बातों को याद करने और भविष्य की कल्पना करने के लिए प्रेरित करता है। यही वजह है कि जैसे ही हम बिस्तर पर पहुंचते हैं, दिमाग में विचारों की ट्रेन दौड़ने लगती है।

तनाव और चिंता भी हैं बड़ी वजह

कई लोग सोने से पहले सोचते हैं- अगर ऐसा हो गया तो?, मैंने उस दिन ऐसा क्यों कहा?, कल का काम कैसे होगा?, भविष्य में क्या होगा? अगर आप पहले से ही किसी बात को लेकर तनाव में हैं तो इस बात की संभावना काफी ज्यादा है कि रात में सोते टाइम यह समस्या और बढ़ जाए। दरअसल, दिनभर हम खुद को व्यस्त रखकर इन चिंताओं से ध्यान हटा लेते हैं, लेकिन रात में जब शांति होती है, तो वही बातें फिर से सामने आने लगती हैं। यही लगातार चलने वाले विचार नींद को दूर भगा देते हैं।

अलर्ट मोड में रहता है दिमाग

सामान्य तौर पर रात में शरीर रिलैक्स होने लगता है और तनाव हार्मोन कम हो जाते हैं। लेकिन जिन लोगों को ज्यादा तनाव या अनिद्रा की समस्या होती है, उनके शरीर में तनाव हार्मोन यानी कोर्टिसोल का स्तर ऊंचा बना रहता है। सरल भाषा में कहें तो शरीर को लगता है कि अभी भी कोई खतरा है या अभी आराम करने का समय नहीं आया है। ऐसे में दिमाग लगातार जागता रहता है और नींद आने में परेशानी होती है।

क्या करें ताकि रात में दिमाग शांत रहे?

अगर रात में ज्यादा सोचने की समस्या है, तो कुछ आसान आदतें आपकी मदद कर सकती हैं। मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बनाएं और दिमाग को रिलैक्स होने का मौका दें। नियमित स्लीप शेड्यूल शरीर की घड़ी को संतुलित रखता है। 5-10 मिनट की डीप ब्रीदिंग या मेडिटेशन दिमाग को शांत कर सकता है। इसके अलावा कई लोगों को सोने से पहले अपनी टेंशन डायरी में लिखने से भी राहत मिलती है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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