Desi Ghee in hindi : देसी घी के सेवन से बाल की सेहत, त्वचा और दिल की सेहत बेहतर होती है। अक्सर देसी घी को खाली पेट एक चम्मच पीने के लिए सलाह दी जाती है। देसी घी में विटामिन ए, विटामिन ई, हेल्थी फैट, प्रोटीन और प्रचुर मात्रा में विटामिन के जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो हमारे बालों, त्वचा और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
ऐसे लोग सेवन करने से बचें-
देसी घी की तासीर गर्म बताई जाती है। इसलिए इसे गर्मियों की तुलना में सर्दियों में अधिक इस्तेमाल किया जाता है। ठंड से बचने के लिए पराठे हो या हलवा इन सभी में देसी घी का उपयोग किया जाता है। वहीं अत्यधिक गर्मी का मौसम होने पर देसी घी को कम मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा जो लोग अपच संबंधी परेशानियों से जूझ रहे होते हैं। उन्हें घी का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। ऐसे लोगों को देसी घी खाने से पेट में अल्सर रिफ्लक्स रोग या पित्त की थैली में बीमारी होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। लिवर सिरोसिस बीमारी से जो लोग ग्रसित हैं। उन्हें भी घी का सेवन करने के लिए मना किया जाता है और अगर आप मौसमी बुखार या फ्लू से गुजर रहे हैं तो इन दिनों में भी घी खाने से परहेज करें।
हाई कोलेस्ट्रॉल में घी का सेवन-
रिसर्च में पाया गया है कि देसी घी खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल ठीक रहता है। घी खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है। इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में देसी घी जरूर शामिल करना चाहिए। देसी घी को खाने से कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण पाया जा सकता है। लेकिन एक बात का ध्यान जरूर रखें कि सही मात्रा में ही देसी घी का इस्तेमाल करें क्योंकि अगर आप इसका अधिक इस्तेमाल करते हैं तो इसका असर उल्टा भी नजर आ सकता है। देसी घी कोलेस्ट्रोल के साथ-साथ दिल से जुड़ी बीमारियों को भी कम करने में मददगार होता है। घी में विटामिन्स की मात्रा अधिक होती है। इसलिए यह रक्त कोशिकाओं में जमे हुए कैल्शियम को हटाने का काम करता है, जिससे ब्लड सरकुलेशन सही रहता है।
इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल से परेशान लोगों को इस बात की चिंता बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए कि देसी घी खाने से कोलेस्ट्रॉल का खतरा और अधिक बढ़ता है। बल्कि देसी घी को नियमित तरीके से सही मात्रा में लेने से गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही दिल की बीमारियों और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है।
( डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
