ई-साइकिल के लिए शहर में 62 स्थानों पर ई डॉक स्टेशन भी बनाए गए है। प्रत्येक स्टेशन से 10 ई साइकिल चलेंगी। यानी 62 डॉक स्टेशनों पर 620 ई साइकिलों का संचालन किया जाएगा। शहरवासी एक डॉक स्टैंड से एप के माध्यम ये साइकिल लेंगे और वे उन्हें किसी भी डॉकिंग स्टेशन पर जमा कर सकते हैं। ई साइकिल से यातायात दबाव कम होगा और प्रदूषण से राहत मिलेगी।
ये योजना पीपीपी मॉडल पर चलेगी। प्राधिकरण डीजीएम एसपी सिंह ने बताया कि यूएन की स्टडी के मुताबिक एक ई-साइकिल कम से कम दिन में तीन बार प्रयोग में लाई जाएगी।
500 साइकिल प्रतिदिन 1500 चक्कर लगाएगी। इस स्थिति में सालाना 1125 टन कार्बन रेडिएशन को बचाया जा सकेगा। यदि इतनी ही पेट्रोल व डीजल वाहन सड़क पर चले तो इससे कई गुना अधिक कार्बन का उत्सर्जन करेंगे। ऐसे में पर्यावरण को नुकसान होगा साथ ही यातायात कंजप्शन में बढ़ोतरी होगी।
