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दिल्ली से कोलकाता तक चलाई साइकिल, 1480 किमी की यात्रा के जरिए इन लोगों दिया खास संदेश

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  • Updated Oct 23, 2022, 02:37 PM IST

ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन दुनिया में एक बड़ी चुनौती रही है और केवल पर्यावरणीय जागरूकता और वनीकरण ही इस खतरे को रोक सकता है। इसी खतरे से लोगों को जागरूक करने के लिए दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से लेकर कोलकाता के हावड़ा ब्रिज तक एक साइकिल यात्रा निकाली गई।

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पर्यावरण जागरूकता से संबंधित साइकिल यात्रा दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से शुरू होकर कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पहुंची

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • पर्यावरण जागरूकता से संबंधित साइकिल यात्रा दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से शुरू होकर कोलकाता के हावड़ा ब्रिज पहुंची
  • दिल्ली रैंडोनर्स की ये साइकिल यात्रा भारत की सबसे बड़ी साइकिल यात्राओं में से एक
  • साइकिल यात्रियों की जनता से अपील- साइकिल को अपनाएं

Climate Change News: दुनिया इस समय ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) और क्लाइमेट चेंज की गंभीर समस्या का सामना कर रही है। समय-समय पर इस संकट से निपटने के लिए जागरूकता से संबंधित कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह बात तय है कि पर्यावरणीय उपायों और वनीकरण से ही इस खतरे को रोक सकता है। इसी के तहत एक संदेश देने वाली साइकिल यात्रा (Cycle Expedition) का आयोजन किया गया जिसे दिल्ली रैंडोनर्स ने पूरा किया है। रोटरी क्लब ऑफ कलकत्ता एंडेवर, आरआईडी 3291 के सहयोग से दिल्ली रैंडोनर्स द्वारा अनूठे साइकिल अभियान का आयोजन किया गया जिसमें 8 साइकिल चालकों ने दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज से कोलकाता के हावड़ा ब्रिज तक यात्रा की।

दिल्ली से कोलकाता तक निकली साइकिल यात्रा

यह साइकिल यात्रा भारत की सबसे बड़ी साइकिल यात्र में से एक रही जो 15 अक्टूबर 22 को नई दिल्ली से शुरू हुई और 19 अक्टूबर, 2022 को कोलकाता पहुंचने से पहले मथुरा, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, औरंगाबाद, वाराणसी, धनबाद, दुर्गापुर जैसे शहरों से होकर गुजरी। कुल 4 रातों और 5 दिनों के दौरान 1,480 किलोमीटर की दूरी तय की गई।

साइकिल यात्रा का उद्देश्य

संजीव रतन, डॉ. पवन ढींगरा, बलराज सिंह चौहान, मुनीत पुरी, विशाल लालोत्रा, प्रियरंजन शर्मा और उत्कर्ष वर्मा नाम के इन 8 साइकिल चालकों का उद्देश्य दुनिया को यह दिखाया कि इसके जरिए न सिर्फ भविष्य के कार्बन उत्सर्जन को शून्य किया जा सकता है और यह सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य लाभों के साथ सरल, शून्य-कार्बन के लक्षित भविष्य के लिए मानव समाज की बड़ी आशाओं में से एक है।

इन साइकिल राइडर्स ने अपनी यात्रा के जरिए लोगों से अपील करते हुए कहा कि साइकिल को अपनाएं ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित जीवन जी सके। इस यात्रा का जिक्र करते हुए राइडर्स ने कहा कि यह वक्त इस बात को समझने का है कि अगर हम दिल्ली से कोलकाता तक साइकिल चला सकते हैं तो लोग घर से दफ्तर तक साइकिल यात्रा तो कर ही सकते हैं।

किशोर जोशी
किशोर जोशीauthor

राजनीति में विशेष दिलचस्पी रखने वाले किशोर जोशी को और खेल के साथ-साथ संगीत से भी विशेष लगाव है। यह टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल में नेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं। किशोर के पास डिजिटल मीडिया का 10 सालों का अनुभव है।

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