Raw Milk or Boiled Milk: दूध शरीर को ताकत देता है और अगर आप अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त और तंदुरुस्त रखना चाहते हैं तो आप रोजाना दूध का सेवन करें। दूध कैल्शियम की कमी को दूर करता है। यह एनर्जी बूस्टर होता है और थकान दूर करता है। आमतौर पर दूध का सेवन उबालकर किया जाता है लेकिन कुछ लोग कच्चा दूध पीना पसंद करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि कच्चे दूध में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते है। कच्चा दूध का सेवन एलर्जी और एसिडिटी की समस्या से भी राहत दिलाता है। कच्चे दूध में पाए जाने वाले एंजाइम आपके शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने का काम करते हैं। कच्चे दूध के फायदे अनेक हैं लेकिन इसके नुकसान भी हैं। आज जानेंगे कि दूध पीने का कौन सा तरीका सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है।
कच्चा दूध पीने के नुकसान
1993-2012 तक CDC को रिपोर्ट किए मामलों में 127 प्रकोप कच्चे दूध से जुड़े थे। ज्यादातर प्रकोप कैंपिलोबैक्टर, ई.कोलाई या साल्मोनेला के कारण हुए। लंबे समय तक कच्चे दूध का सेवन रिएक्टिव आर्थराइटिस, गुइलेन बैरे सिंड्रोम और हैमोलिटिक यूरीमिक सिंड्रोम जैसी कई गंभीर बीमारियां दे सकता है। कच्चा दूध पीने से बीमार होने का जोखिम सबसे ज्यादा जोखिम शिशुओं और छोटे बच्चों , बड़े वयस्कों, गर्भवती महिलाओं को है। कच्चे दूध में हानिकारक बैक्टीरिया और अन्य कीटाणु होते हैं। कुछ लोग अपने स्वास्थ्य में सुधार के लिए कच्चे दूध का सेवन करते हैं, लेकिन इसमें मौजूद कीटाणुओं के कारण बीमारी का खतरा बना रहता है।
दूध को हमेशा उबालकर पीएं
कई शोधों के बाद यह पाया गया कि हमेशा दूध को उबालकर ही पीना बेहतर होगा। हालांकि दूध को अधिक देर तक गर्म नहीं करना चाहिए। दूध को अधिक उबालने से इसका न्यूट्रिशनल वैल्यू काफी कम हो सकता है। शिशुओं और छोटे बच्चों , बड़े वयस्कों, गर्भवती महिलाओं को तो हमेशा उबला हुआ दूध ही पीना चाहिए।
