हेल्थ

बढ़ती उम्र में घटने लगी है शरीर की ताकत? डेली रूटीन में शामिल करें एक्सपर्ट्स के सुझाए ये 5 जरूरी सप्लीमेंट्स

Note: भले ये सप्लीमेंट्स स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं, लेकिन बिना डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के कोई भी सप्लीमेंट शुरू न करें।

Image

बढ़ती उम्र के साथ अपनी डेली लाइफ में शामिल करें ये 5 सप्लिमेंट्स (Photo: iStock)

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे शरीर में कई तरह के प्राकृतिक बदलाव आते हैं। 30-40 की उम्र के बाद मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों की ताकत और शारीर की एनर्जी का लेवल घटने लगता है। इसे मेडिकल भाषा में सार्कोपेनिया या उम्र से जुड़ी मांसपेशियों की कमजोरी कहा जाता है।

फिजिशियन्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, सही खान-पान और एक्सरसाइज के साथ-साथ अगर हम कुछ जरूरी सप्लीमेंट्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो बढ़ती उम्र में भी खुद को मजबूत, एक्टिव और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं। एक्सपर्ट्स ढलती उम्र में इन 5 सप्लिमेंट्स को जीवन में शामिल करने की सलाह देते हैं।

क्रिएटिन (Creatine)

क्रिएटिन को आमतौर पर सिर्फ बॉडीबिल्डर्स या एथलीटों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह बढ़ती उम्र के लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह मांसपेशियों की ताकत बढ़ाता है, थकान कम करता है और दिमाग के कामकाज को बेहतर बनाता है। उम्र के साथ मांसपेशियों में बनने वाला प्राकृतिक क्रिएटिन कम होने लगता है, जिससे डेली के रूकीन काम में बी जल्दी थकान होने लगती है।

प्रोटीन सप्लीमेंट

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर के लिए केवल सामान्य भोजन से प्रोटीन की पूरी मात्रा एबजॉर्ब करना मुश्किल हो जाता है। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और उनके रखरखाव के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है। यदि आपकी डेली डाइट में पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल पा रहा है, तो डॉक्टर की सलाह से वे प्रोटीन या प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाउडर ले सकते हैं।

विटामिन D3 और K2

हड्डियों को मजबूत बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के लिए यह कॉम्बिनेशन बहुत असरदार है। विटामिन D3 शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, जबकि विटामिन K2 यह सुनिश्चित करता है कि कैल्शियम हड्डियों तक पहुंचे न कि धमनियों में जमा हो। यह जोड़ों के दर्द और ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी) से सुरक्षा देता है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन और जोड़ों की अकड़न बढ़ने लगती है। ओमेगा-3 दिल को दुरुस्त रखता है, दिमाग को तेज बनाता है और जोड़ों की लचक बनाए रखने में मदद करता है।

मैग्नीशियम

शरीर की सैकड़ों बायोलॉजिकल प्रक्रियाओं के लिए मैग्नीशियम एक अनिवार्य खनिज है। यह मांसपेशियों की ऐंठन को दूर करता है, नींद की क्वालिटी में सुधार लाता है और तनाव को कम करके हड्डियों की सेहत को सपोर्ट करता है।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: Genz Z के लिए बहुत काम आएंगे ये आसान हेल्थ टिप्स

सबसे जरूरी बात

भले ये सप्लीमेंट्स स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं, लेकिन बिना डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के कोई भी सप्लीमेंट शुरू न करें। आपकी मौजूदा मेडिकल स्थिति और खून की जांच के आधार पर ही डॉक्टर सही खुराक तय कर सकते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article