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क्या डायबिटीज के मरीज सलाद का सकते हैं, क्या इससे शुगर रहती है कंट्रोल, जानें क्या कहता है आयुर्वेद

Can Diabetes Patient Eat Salad In Hindi: डायबिटीज के मरीजों को मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर सलाद का सेवन उनके लिए कितना सेफ है। क्या यह फायदेमंद है या नुकसानदेह? हाल ही में एक हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक ने इस पर राय शेयर की है। आज हम आपको बताएंगे कि डायबिटीज के मरीजों को किस तरह का सलाद खाना चाहिए और कौन-से आयुर्वेदिक तरीके शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करते हैं।

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Can Diabetes Patient Eat Salad In Hindi

Can Diabetes Patient Eat Salad In Hindi: देशभर में डायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि अब भारत को डायबिटीज की राजधानी कहा जाने लगा है। डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खानपान की हर चीज का चुनाव शुगर लेवल पर असर डाल सकता है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि कच्ची सब्जियों का सलाद सबसे हेल्दी ऑप्शन है, लेकिन आयुर्वेदिक दृष्टिकोण इससे थोड़ा अलग है। हाल ही में हेल्थ इन्फ्लूएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर नील सवालिया (BAMS Ayurveda) ने इससे जुड़ी जरूरी जानकारी और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण शेयर किया है।

एक्सपर्ट की मानें तो आयुर्वेद के अनुसार, कच्चा, ठंडा और भारी सलाद पचने में कठिन होता है और पाचन अग्नि को कमजोर कर सकता है। यही कारण है कि शुगर के मरीजों को यह सोच-समझकर तय करना चाहिए कि उन्हें किस तरह का सलाद खाना है।

कच्चा सलाद क्यों नहीं है सही?

आयुर्वेद मानता है कि कच्ची सब्जियां ठंडी, रूखी और भारी होती हैं। यह गुण पाचन को धीमा कर सकते हैं और वात बढ़ा सकते हैं, जिससे गैस, कब्ज़ और अपच की समस्या हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह स्थिति और भी मुश्किल खड़ी कर सकती है।

प्रमेह में भोजन का नियम

आयुर्वेदिक ग्रंथों में प्रमेह यानी डायबिटीज के मरीजों को हल्का, गरम, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन करने की सलाह दी गई है। उनका खाना न तो बहुत भारी होना चाहिए और न ही बासी होना चाहिए। वहीं इसके विपरीत ताजा, गरम और मसालों से संतुलित भोजन ही खून में शुगर के बैलेंस को बनाए रखने में मदद करता है।

किस तरह का सलाद है फायदेमंद?

डॉ. नील सवालिया बताते हैं कि डायबिटीज रोगियों को कच्चे की बजाय हल्का भाप में पका या सॉते किया हुआ सलाद खाना चाहिए। लौकी, गाजर, सेम, तोरई और पालक जैसी सब्जियां इस रूप में सबसे बेहतर रहती हैं। ये हल्की भी होती हैं और पचने में भी आसान।

सलाद में मसालों की है खास महत्व

आयुर्वेद के अनुसार मसाले न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि पाचन अग्नि को भी संतुलित रखते हैं। सलाद में जीरा, काली मिर्च, सेंधा नमक और नींबू का रस डालने से यह और भी पौष्टिक व सुपाच्य बन जाता है। इससे शुगर लेवल पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।

मौसम और ड्रेसिंग का ध्यान रखें

बरसात और सर्दियों में कच्चा सलाद ज्यादा हानिकारक हो सकता है, इसलिए इन मौसमों में हल्का गरम सलाद ही बेहतर है। वहीं, ड्रेसिंग के लिए भारी सॉस या क्रीम की बजाय नींबू का रस, हल्की छाछ या धनिया का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।

तो क्या डायबिटीज के मरीज सलाद खा सकते हैं?

आयुर्वेद के अनुसार इसका जवाब है - हां, लेकिन सलाद को हमेशा सही तरीके से खाया जाना चाहिए। कच्चे और ठंडे सलाद की बजाय हल्का गरम, ताजा और मसालों से संतुलित सलाद मधुमेह में ज्यादा फायदेमंद है। डॉ. नील सवालिया के अनुसार, ऐसा सलाद न केवल पचने में आसान होता है बल्कि शुगर लेवल को भी कंट्रोल रखने में मदद करता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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