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Heart Attack: क्या साइकिल चलाने से हार्ट अटैक कम हो सकता है? एक्सपर्ट से जानिए हार्ट हेल्थ को कैसे बनायें हेल्दी

  • Edited by: प्रणव मिश्र
  • Updated Mar 26, 2023, 05:03 PM IST

Health benefits of Cycling: आज के समय में लोग साइकिल चलाना पसंद नहीं करते हैं। इसके पीछे कारण यह है कि इसमें समय अधिक लगता है, साथ ही लोग इसे स्टेटस सिंबल से भी जोड़कर देखते हैं। लेकिन जो लोग रोजाना साइकिल चलाते हैं, उनका दिल मजबूत होता है। इतना ही नहीं इनका जीवन भी आम लोगों से काफी लंबा हो सकता है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के शोध में यह जानकारी सामने आई है।

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Health benefits of Cycling: साइकिल चलाने से गंभीर बीमारियां होती हैं दूर, जानिए क्या हैं इसके फायदे

Photo : iStock

Cycling Health Benefits: कोरोना काल के बाद हम लगातार देख रहे है कि कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। कहीं भी किसी को हार्ट अटैक आ जाता है और शख्स की उसी समय मौत हो जाती है। इस तरह के कई वीडियो हम सोशल मीडिया पर देख चुके हैं। कई बार तो जिम में ही लोगों मौत हो गयी। लेकिन इससे कैसे बचा जाये कौन सा वर्कआउट करें, इसी को लेकर भोपाल AIIMS ने लगातार 4 वर्षों तक शोध किया। इस शोध में पता चला कि हेल्दी हार्ट के लिए साइकिल चलाना सबसे बेहतर व्यायाम है। इससे सिर्फ हृदय ही नहीं बल्कि मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार, अपर्याप्त शारीरिक गतिविधि दुनिया भर में मृत्यु के 10 प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज स्टडी ने अनुमान लगाया है कि भारत में CVD मृत्यु दर प्रति एक लाख जनसंख्या पर 272 है जो वैश्विक औसत 235 से अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि स्वस्थ आदतों और स्वच्छ जीवन शैली को अपनाकर हृदय रोग से संबंधित 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है। वहीं डब्ल्यूएचओ की सिफारिश है कि 18-64 वर्ष की आयु के वयस्कों को पूरे सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि में शामिल होना चाहिए।

यह शोध साइकिलिंग एक्सरसाइज के दौरान हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV- Heart Rate Variability) में बदलाव पर किया गया है, जिसमें 60 से ज्यादा लोगों को हिस्सा बनाया गया। इस शोध अध्ययन का उद्देश्य कम तीव्रता वाले स्थिर साइकिलिंग अभ्यास के दौरान एचआरवी में परिवर्तन का परीक्षण करना था।

रिसर्च टीम में शामिल लोगों से साइकिल चलवाई गयी और उनके शरीर पर विशेष मशीन द्वारा हार्ट वेरियेवेलती को मापा गया। इस पूरी प्रक्रिया को HRV कहा जाता है। रिसर्च में पाया गया कि साइकिलिंग के शुरुआती दौर में हार्ट की गति कुछ बढ़ी, साइकिलिंग की गति बढ़ने पर हार्ट रेट भी बढ़ गया। हालांकि कुछ देर में हृदय गति स्थिर हो गयी। इससे न सिर्फ शारीरिक फायदा है बल्कि मानसिक लाभ भी है।

यह रिकवरी अवधि में पैरासिम्पेथेटिक रिएक्टिवेशन से हृदय गति और एचआरवी को पुनः नियंत्रित करने के लिए एक मेडिकल टर्म है। साइकिल चलाना एक समय बचाने वाला व्यायाम है साथ ही पूरे शरीर को लाभ पहुंचाकर, आपकी फिटनेस में सुधार करने के लिए एक प्रभावी तरीका हो सकता है। धीरे या तेज गति में साइकिल चलाकर यह किया जा सकता है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जिनमें बेहतर कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस, मांसपेशियों की ताकत, जोड़ों की गतिशीलता और तनाव के स्तर में कमी शामिल है।

डॉ. वरुण मल्होत्रा ने टाइम्स नाउ से बातचीत में बताया, "आज कल जो हादसे हो रहे हैं, इसे मेडिकल टर्म में हम सडन कार्डिएक डेथ कहते हैं। 24 घंटे में के अंदर अचानक बिना किसी ज्ञात कारण के मृत्यु होगी। हमारा हार्ट रोजाना करीब 12 टन ब्लड को पंप करता है। ऐसे में व्यायाम करना बेहद जरुरी है। गीता में भी कहा गया है कि योग उन लोगोने के दुःखों का हरण करता है, जिनका सही मात्रा आहार-विहार, सोना और जागना और व्यायाम करते हैं। इसलिए घर में रह रही महिलाओं को टीवी देखने के साथ ही साइकिलिंग के लिए समय निकालना चाहिए। लेकिन इसकी मात्रा सीमित होनी चाहिए; ज्यादा करने से कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।

आगे उन्होंने बताया कि जो भी पुरुष बार काम करते हैं, खासकर ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहते हैं। चूंकि कुर्सी हमारी सबसे बड़ी दुश्मन है। इसलिए काम के साथ व्यायाम करने और खुद को फिट रखने की हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए। सीढ़िया चढ़ने की आदत डालनी चाहिए, साइकिलिंग (Benefits of biking everyday) करने से मन को शांत रखने और खुद को फिट रखने में मदद मिलती है। इसके साथ ही व्यायाम करने से खुद को बीमारियों से दूर रख सकते हैं और लंबी आयु जीने में मदद मिलती है। योग और मेडिटेशन जीवन में स्वस्थ्य रहने के लिए बेहद जरुरी है।

नियमित साइकिल चलाने के स्वास्थ्य लाभ

साइकिल चलाना (Does cycling reduce heart attack) मुख्य रूप से एक एरोबिक गतिविधि है, जिसका अर्थ है कि आपके हृदय, ब्लड वेसेल्स और फेफड़ों सभी को कसरत मिलती है। आप गहरी सांस लेंगे, पसीना बहाएंगे और शरीर के तापमान में वृद्धि का अनुभव करेंगे, जिससे आपके समग्र फिटनेस स्तर में सुधार होगा। जिससे कार्डियोवस्कुलर फिटनेस में वृद्धि, मांसपेशियों की ताकत और लचीलेपन में वृद्धि, खुद की एक्टिव महसूस करेंगे, तनाव के स्तर में कमी, हड्डियों को मजबूत करने में मदद, शरीर में फैट का स्तर कम करने के साथ ही कई बीमारियों के होने की संभावनाएं कम होती हैं।

साइकिलिंग से फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार

वहीं विक्टोरिया राज्य सरकार, ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विभाग की वेब साइट बेटर हेल्थ पर प्रकाशित एक लेख के मुताबिक 20 से 93 वर्ष की आयु के 30,000 लोगों के साथ 14 वर्षों में किए गए एक डेनिश अध्ययन में पाया गया कि नियमित साइकिल (Can cycling reduce heart blockage?) चलाने से लोगों को हृदय रोग से बच सकते हैं। जिसमें हृदय रोगों में स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और दिल का दौरा शामिल है। नियमित रूप से साइकिल चलाने से आपके हृदय, फेफड़े और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है और हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। साइकिल चलाने (Top 5 benefits of cycling) से आपके हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ब्लड में फैट का स्तर कम होता है। शोध से यह भी पता चलता है कि जो लोग साइकिल से काम पर जाते हैं, वे कार यात्रियों की तुलना में प्रदूषण के संपर्क में दो से तीन गुना कम होते हैं, इसलिए उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है।

टाइप 2 डायबिटीज और साइकिलिंग

बेटर हेल्थ के मुताबिक टाइप 2 मधुमेह की दर बढ़ रही है और यह एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता है। लोगों में इस स्थिति के विकसित होने का एक प्रमुख कारण शारीरिक गतिविधि की कमी माना जाता है। फ़िनलैंड में बड़े पैमाने पर हुए शोध में पाया गया कि जो लोग प्रतिदिन 30 मिनट से अधिक साइकिल चलाते हैं उनमें मधुमेह होने का जोखिम 40 प्रतिशत कम होता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, "साइकिल चलाना (What exercises fight heart attacks?) सभी आयु वर्ग और सभी प्रकार के शरीर के लोगों के लिए सबसे अच्छा कार्डियो व्यायाम है। यह न केवल कैलोरी बर्न करने और वजन को नियंत्रण में रखने में मदद करता है, बल्कि सहनशक्ति बनाने और मांसपेशियों और हड्डियों की ताकत बढ़ाने में भी मदद करता है। कम प्रभाव वाला व्यायाम होने के कारण, यह जोड़ों पर भी नरम होता है और यह आपको अत्यधिक चोटों या मोच के जोखिम में नहीं डालता है। यही कारण है कि यह व्यायाम बुर्जुर्गों द्वारा भी किया जा सकता है।"

प्रणव मिश्र
प्रणव मिश्रauthor

मीडिया में पिछले 5 वर्षों से कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने मुख्य रूप से टीवी प्रोग्राम के लिए रिसर्च, रिपोर्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए काम किया है। इससे पहले जनसत्ता, लोकसभा टीवी/संसद टीवी, पेबेल मीडिया नेटवर्क, टाइम 8, डीडी न्यूज़ के लिए काम कर चुके हैं। इस समय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पेशल करेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत हैं।

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