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डाइजेशन मजबूत बनाने के लिए करें ये 5 योगासन, पेट की इन समस्याओं से दिलाएंगे पर्मानेंट छुटकारा

Yoga Poses For Better Digestion In Hindi: अगर आप भी खराब पाचन के कारण अपच और कब्ज आदि जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो इन योगासन का अभ्यास करना शुरू कर दें। इन्हें करने से न सिर्फ डाइजेशन मजबूत बनेगा, बल्कि सेहत को भी कई फायदे मिलेंगे।

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Yoga Poses For Better Digestion

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Yoga Poses For Better Digestion In Hindi: खाना खाने के बाद कुछ लोगों को पेट में गैस, अपच, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं काफी काफी परेशान करती हैं। इस तरह की समस्याएं असल में खराब पाचन के कारण देखने को मिलती हैं। जबकि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए पाचन स्वास्थ्य का दुरुस्त होना महत्वपूर्ण है। अच्छी बात यह है कि स्वस्थ जीवनशैली को फॉलो और नियमित योग करने से आपको डाइजेशन को मजबूत बनाने और पेट संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने में बहुत मदद मिल सकती है। जब आप योग का अभ्यास करते हैं, तो इससे पाचन अंगों को एक्टिव करने में मदद मिलती है, ब्लड फ्लो बेहतर होता है और सामान्य पाचन समस्याएं दूर होती हैं। नियमित योग करके पेट के साथ-साथ समग्र शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर डाइजेशन को मजबूत बनाने के लिए कौन-कौन से योगासन करें? इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने जिंदल नेचरक्योर इंस्टिट्यूट के चीफ योगा ऑफिसर डॉ राजीव राजेश से बात की। इस लेख में हम आपको बेहतर डाइजेशन के लिए 5 योगासन बता रहे हैं, जिन्हें नियमित करने से आपको पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।

डाइजेशन मजबूत बनाने के लिए करें ये योगासन- Best Yoga Poses For Better Digestion In Hindi

1 . मत्स्येन्द्रासन (Matsyendrasana)

इस आसन का अभ्यास करने से पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव बढ़ता है। साथ ही, रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता बढ़ाने के लिए भी यह एक बेहतरीन आसन है। यह कब्ज और सूजन को दूर करता है, साथ ही रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाकर डाइजेशन में सुधार करता है। यह आंतों को स्वस्थ रखने के लिए भी बहुत लाभकारी है।

2. अपानासन (Apanasana)

यह बड़ी आंत को स्वस्थ रखने और मल त्याग को बढ़ावा देने में मदद करता है। इससे पीठ के निचले हिस्से में तनाव को कम करने, आराम की भावना को बढ़ाने और पाचन क्रिया को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

3. पार्श्व सुखासन (Parsva Sukhasana)

इस योग का अभ्यास करने से पेट की मांसपेशियों, निचली और ऊपरी पीठ और कंधों की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। यह सूजन और गैस को कम करके, पेट के एरिया में आराम को बढ़ावा देकर और समग्र पाचन आराम को बढ़ाकर पाचन में सहायता करता है।

4. अर्धमत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana)

इस योग का अभ्यास करने से छोटी और बड़ी आंत एक्टिव होती है, जिससे बाउल मूवमेंट में सुधार करने में मदद मिलती है। साथ ही, सूजन कम और समग्र पाचन प्रक्रिया भी बेहतर होती है। यह योग शरीर की आंतरिक सफाई को बढ़ावा देते है।

5. कैट-काऊ पोज (Cat Cow Pose)

इसे करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। यह शरीर के आंतरिक अंगों की मालिश करता है। यह आंत के पेरिस्टलसिस को बढ़ावा देकर पाचन को मजबूत बनाने में योगदान देता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

TNN Health Desk
TNN हेल्थ डेस्क author

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