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गोमुखासन से मत्स्यासन तक ये हैं फेफड़ों को मजबूत करने वाले 5 आसान योगासन, रोज करने से सेहत को मिलेंगे गजब फायदे

Best Yoga Asanas For Lungs: गोमुखासन, धनुषासन, भुजंगासन जैसे योगासन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद हैं। ये आसान योग तकनीकें न केवल श्वसन तंत्र को मजबूत बनाती हैं, बल्कि तनाव, पीठ दर्द और पाचन जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाती हैं। जानिए इन आसनों की विधि और लाभ।

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Best Yoga Asanas For Lungs

Best Yoga Asanas For Lungs: फेफड़े हमारे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं और अगर ये कमजोर हो जाएं, तो सांस लेने में परेशानी होती है। योग एक ऐसा तरीका है जो फेफड़ों को न सिर्फ मजबूत बनाता है, बल्कि पूरे शरीर और दिमाग को भी सेहतमंद बनाए रखता है। भारतीय योग में कुछ खास आसन हैं जो खासतौर से फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। इनमें गोमुखासन, धनुषासन, भुजंगासन, मत्स्यासन और सुखासन प्रमुख हैं।

गोमुखासन से खुलते हैं फेफड़े

गोमुखासन छाती और फेफड़ों को खोलने वाला असरदार योग है। इसमें शरीर की स्थिति ऐसी होती है जिससे सांसें गहरी और बेहतर तरीके से ली जाती हैं। इस आसन को करते वक्त दोनों हाथों को पीठ के पीछे से जोड़कर कुछ देर बैठना होता है, जिससे कंधों और छाती में खिंचाव आता है और श्वसन क्षमता बढ़ती है।

धनुषासन से लचीलापन और ऊर्जा

पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़कर हाथों से पैरों को पकड़ना और शरीर को धनुष जैसा बनाना, धनुषासन कहलाता है। इससे फेफड़ों में खिंचाव आता है, जिससे उनकी ताकत बढ़ती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

भुजंगासन और मत्स्यासन भी हैं फायदेमंद

भुजंगासन, जिसे कोबरा पोज भी कहा जाता है, पीठ और छाती को खोलकर सांस लेने की क्षमता को बढ़ाता है। वहीं मत्स्यासन फेफड़ों को लचीला और मजबूत बनाता है। दोनों आसन तनाव कम करने में भी मददगार हैं।

सुखासन

सुखासन एक साधारण लेकिन प्रभावशाली आसन है। इससे मन शांत होता है और फेफड़ों को आराम मिलता है। रोजाना इन योगासनों का अभ्यास फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

Inputs: IANS

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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