हेल्थ

बच्चे ही नहीं मां के लिए भी बेहद फायदेमंद है स्तनपान, रिश्ता होगा मजबूत और बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

World Breastfeeding Week 2025 : 1 से 7 अगस्त के बीच विश्व स्तनपान सप्ताह दिवस दुनिया भर में मनाया जा रहा है। आज हम आपको स्तनपान से मां और बच्चा दोनों को मिलने वाले हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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Advantages of Breastfeeding (Photo - Canva)

World Breastfeeding Week 2025 : नवजात बच्चे के लिए मां का दूध फायदेमंद होता है, ये आपने अक्सर सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्तनपान कराने वाली मां को भी इससे काफी फायदा मिलता है। जी हां मां के दूध में मौजूद पोषक तत्व बच्चे के लिए संपूर्ण आहार का काम करते हैं, वहीं स्तनपान कराने वाली मां भी रोग मुक्त रहती हैं। 6 माह तक के बच्चे के लिए केवल मां का दूध ही पर्याप्त होता है। क्योंकि उसकी पोषण संबंधी जरूरतें मां के दूध से पूरी हो जाती हैं। विश्व स्तनपान सप्ताह (1-7 अगस्त) के मौके पर हम आपको बताएंगे कि कैसे स्तनपान मां और बच्चा दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है? स्तनपान के फायदों को लेकर हमने बात की यशोदा अस्पताल, हैदराबाद में स्त्री रोग विशेषज्ञ और लेप्रोस्कोपिक सर्जन, डॉ. लेपाक्षी दसारी से। आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

बच्चे और मां का रिश्ता मजबूत

स्तनपान के दौरान मां और बच्चे का त्वचा के माध्यम से लंबा संपर्क होता है, जो उनके बीच भावनात्मक रिश्ते को मजबूत करता है। इसके साथ ही ये जुड़ाव बच्चे को सुरक्षा का भाव और मां को एक खुशनुमा एहसास देता है। स्तनपान कराने के साथ मां के अंदर मातृत्व भाव की गहराई बढ़ती जाती है।

नेचुरल रिकवरी में मदद

स्तनपान के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव एक साथ होते हैं, जो उनके प्रसव की अवस्था के बाद शरीर में होने वाली समस्याओं को तेजी से रिकवर करते हैं। जिसमें गर्भाशय का तेजी से सिकुड़ना और ब्लीडिंग का रुकना जैसी चीजें शामिल हैं।

इम्यूनिटी मजबूत

स्तनपान से नवजात बच्चे की इम्यूनिटी काफी मजबूत होती है। जिससे कई तरह की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। मां के दूध में एंटीबॉडी और कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जो बच्चे को शुरुआती संक्रमण से बचाकर फिट रखने में मदद करते हैं।

मां को बीमारियों से बचाव

स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कई तरह की गंभीर बीमारियों जैसे स्तन कैंसर, ओवेरियन कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज जैसे रोगों का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी का खतरा भी स्तनपान कराने वाली महिलाओं में कम होता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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