राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिसके बाद मंगलवार को उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए आगे के इलाज और निगरानी के लिए उन्हें अस्पताल में रखने का फैसला किया है। राजस्थान में अगस्त के पहले पखवाड़े तक स्वाइन फ्लू के 129 मामले सामने आ चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हैं।
मेडिकल ICU में चल रहा इलाज
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा को SMS अस्पताल के मेडिसिन विभाग में डॉ. आर.के. भीनमाल की यूनिट के मेडिकल ICU में रखा गया है। स्वाइन फ्लू को देखते हुए डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें दूसरे लोगों से मिलने-जुलने से बचने की सलाह दी है, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।
स्वाइन फ्लू प्रोटोकॉल के तहत इलाज
SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि मंत्री का इलाज स्वाइन फ्लू के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। उनके जरूरी मेडिकल टेस्ट कराए जा रहे हैं और स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंत्री की देखरेख के लिए मेडिसिन विभाग के HOD डॉ. महेंद्र अग्रवाल की निगरानी में डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। टीम नियमित रूप से उनकी हालत की निगरानी कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज आगे बढ़ाया जा रहा है।
राजस्थान में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले
राजस्थान में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त 2026 के पहले 15 दिनों में राज्य में 129 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल इसी अवधि में केवल 16 मामले दर्ज किए गए थे। ऐसे में एक साल में मामलों में करीब आठ गुना बढ़ोतरी हुई है। जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों को संक्रमण से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने और जरूरत पड़ने पर मरीजों के लिए आइसोलेशन बेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेषज्ञ बोले- नया वायरस नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा संक्रमण किसी नए वायरस या नए स्ट्रेन की वजह से नहीं है। यह H1N1 वायरस के मौसमी संक्रमण का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि, मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने और संक्रमण की रोकथाम के उपायों पर जोर दिया है।
