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मेनोपॉज के दौरान आयुर्वेद कैसे महिलाओं की जर्नी आसान बना सकता है, आयुर्वेदाचार्य से जानिए

Ayurveda For Menopause: मेनोपॉज के दौरान होने वाली महिलाओं की शारीरिक और मानसिक परेशानियों को आयुर्वेद की मदद से कैसे आसान बनाया जा सकता है, चलिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानते हैं।

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आयुर्वेद कैसे मेनोपॉज मैनेज करने में मदद कर सकता है

Ayurveda For Menopause: 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में धीरे-धीरे कई बदलाव आने लगते हैं। इस समय पीरियड्स बंद होने लगते हैं और शरीर के साथ-साथ मन पर भी इसका असर पड़ सकता है। कई महिलाओं को नींद ठीक से नहीं आती, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी महसूस होती है। हेल्थ इन्फ्लुएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. चैताली राठौर बताती हैं कि आयुर्वेद में इस समय को 'रज निवृत्ति काल' कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि जीवन का एक सामान्य पड़ाव है। अगर इस दौरान सही दिनचर्या और खानपान अपनाया जाए, तो यह सफर काफी आसान हो सकता है।

सबसे पहले अपने मन का ख्याल रखें

डॉ. चैताली राठौर का कहना है कि मेनोपॉज के समय सिर्फ शरीर ही नहीं, मन भी बदलाव से गुजरता है। इसलिए खुद पर बेवजह दबाव न डालें। अगर किसी बात का तनाव या पुरानी यादें परेशान करती हैं, तो उन्हें धीरे-धीरे पीछे छोड़ने की कोशिश करें। रोज कुछ मिनट गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज और प्राणायाम करने से मन को शांति मिल सकती है।

पेट ठीक रहेगा तो शरीर भी साथ देगा

आयुर्वेद के मुताबिक इस समय पाचन का अच्छा रहना बहुत जरूरी है। इसलिए ठंडा, बासी या बहुत तला-भुना खाना कम खाएं। इसकी जगह घर का बना गर्म, ताजा और हल्का भोजन चुनें। इससे शरीर को ताकत मिलती है और दिनभर बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है।

तेल की मालिश से मिल सकता है आराम

डॉ. राठौर सलाह देती हैं कि हफ्ते में एक बार पूरे शरीर की तेल से मालिश करें। अगर ऐसा संभव न हो, तो रात में सोने से पहले सिर्फ पैरों की हल्की मालिश भी की जा सकती है। इससे शरीर को आराम मिलता है और नींद भी बेहतर आ सकती है।

बदलाव को अपनाएं

मेनोपॉज हर महिला के जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। इसे लेकर घबराने की बजाय अपने शरीर की बात सुनें और उसकी जरूरतों का ध्यान रखें। डॉ. चैताली राठौर के अनुसार, सही खानपान, नियमित प्राणायाम और आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाकर इस दौर को पहले से ज्यादा आरामदायक बनाया जा सकता है। अगर परेशानी बहुत ज्यादा हो या लंबे समय तक बनी रहे, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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