Mandeep Singh 300 Hockey Match: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने गुरुवार को अपने करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन हासिल कर लिया। जापान के काकामिगहारा में एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उतरते ही मनदीप ने सीनियर इंडिया के लिए 300 इंटरनेशनल मैच पूरे कर लिए। मनदीप का ये सफर 2013 में शुरू हुआ था, जब 18 साल के युवा सेंट्रल स्ट्राइकर ने हॉकी इंडिया लीग में शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर टीम में डेब्यू किया था। उसके बाद से पिछले 13 सालों में मनदीप भारतीय फॉरवर्ड लाइन का सबसे भरोसेमंद नाम बन गए हैं।
दो ओलंपिक में भारत को दिलाया मेडल
मनदीप सिंह के करियर का पहला बड़ा मोमेंट 2016 में आया जब वह जूनियर वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। यहीं से उनके मेडल जीतने का सिलसिला शुरू हुआ जो आज तक जारी है। मनदीप भारत की लगातार दो ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। जिसमें टोक्यो ओलंपि 2020 और पेरिस ओलंपिक 2024 शामिल है। एशियन गेम्स में उन्होंने हांगझोउ 2023 में गोल्ड और जकार्ता 2018 में ब्रॉन्ज जीता है। इसके अलावा बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर, चैंपियंस ट्रॉफी 2016 और 2018 में सिल्वर, एशिया कप 2025 में गोल्ड और 2013 में सिल्वर, और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2018 और 2023 में गोल्ड उनकी झोली में है।
हॉकी इंडिया ने किया ट्वीट
मनदीप सिंह के 300 मैच पूरे होने पर हॉकी इंडिया ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी। हॉकी इंडिया के एक्स अकाउंट से लिखा गया, 'यादगार मैच में 300 मैचों का माइलस्टोन! मनदीप सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ़ रोमांचक एशियन गेम्स 2026 सेमीफ़ाइनल में भारत के लिए अपना शानदार 300वां इंटरनेशनल मैच खेला और टीम को लगातार दूसरी बार फ़ाइनल में जगह दिलाने में मदद की! यह माइलस्टोन इस मौके के लिए बिल्कुल सही है और भारतीय जर्सी में मनदीप के सफ़र का एक और गर्व भरा अध्याय है।'
अर्जुन अवार्ड से किया गया सम्मानित
खेल में उनके योगदान के लिए 2021 में उन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया था। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, 300 मैच पूरे करना शानदार उपलब्धि है और मनदीप के समर्पण का सबूत है। वहीं महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, एक दशक से ज्यादा लंबे करियर में मनदीप ने हमेशा गर्व के साथ देश का प्रतिनिधित्व किया है।पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल जैसे बड़े मैच में ये रिकॉर्ड और भी खास बन गया।
