पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को राज्य में बाढ़ पीड़ितों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में एक महीने का वेतन दान किया।ओस ऐलान से एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने घोषणा की थी कि वह बाढ़ पीड़ितों के लिए राज्यसभा सदस्य के तौर पर तीन माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर रहे हैं। चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ’’मुख्यमंत्री के तौर पर, मैं बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत कोष में एक माह का वेतन दे रहा हूं। गायक से नेता बने भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी घोषणा की है कि वह इस कोष में दो माह का वेतन देंगे।
कितने जिले बाढ़ से प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बिहार में बाढ़ के गंभीर हालात हैं और 15 जिलों में लगभग 49.72 लाख लोग इसकी विभीषिका झेल रहे हैं। राज्य में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और बक्सर प्रभावित जिले हैं। विभाग ने बताया कि गंगा, कोसी, पुनपुन, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियां कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
प्रशासन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में 303 सामुदायिक रसोई और सात राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां लगभग 9,003 लोगों को खाना, आश्रय, मेडिकल सुविधा और दूसरी जरूरी सेवाएं दी जा रही हैं। इससे पहले, भाजपा की बिहार इकाई ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये दान किए थे।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने शुक्रवार को चौधरी को चेक सौंपा तथा कहा कि राज्य के सभी भाजपा सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य राहत एवं पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए अपनी एक माह का वेतन देंगे। सरावगी ने बाढ़ पीड़ितों की मदद को सामूहिक ज़िम्मेदारी बताते हुए कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में भाजपा का हर कार्यकर्ता प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। मंगलवार को चौधरी ने बाढ़ से प्रभावित 8.27 लाख परिवारों को राहत सहायता के तौर पर 579.23 करोड़ रुपये अंतरित किए। अधिकारियों ने बताया कि हर पात्र परिवार को 7,000 रुपये दिए गए।
