हेल्थ

बीमारी फैलाने वाली चीज से ही बना दिया कैंसर का इलाज, अमेरिका के वैज्ञानिकों ने किया बड़ा कमाल

अमेरिका के पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक खतरनाक फंगस से कैंसर जैसी जानलेवा कैंसर की दवा निकाल ली है। कैंसर के इलाज में कारगर इस दवा को चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। आइए जानते हैं क्या है ये दवा और कैसे किया गया इसका विकास?

Image

cancer treatment

कैंसर एक जानलेवा रोग है, जिससे हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे में अमेरिका से एक पॉजिटिव खबर सामने आ रही है। अमेरिका के पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक खतरनाक फंगस से कैंसर जैसी जानलेवा कैंसर की दवा निकाल ली है। कैंसर के इलाज में कारगर ये काफी अहम खोज मानी जा रही है। फंगस से निकाले गए एक नए यौगिक का नाम एस्परजिलोमाइसिन है। जो अभी तब उपलब्ध कैंसर उपचारों के लगभग समान असर दिखाता है। हालांकि इसकी खोज के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में नए चिकित्सा विकल्पों के लिए रास्ता खुल सकता है।

कैंसर उपचार में प्रगति

कैंसर के उपचार के गठित इस शोध दल का नेतृत्व प्रोफेसर शेरिल गाओ ने किया। जिन्होंने अपने शोध के निष्कर्षों को 'नेचर केमिकल बायोलॉजी' पत्रिका में प्रकाशित किया। अध्ययन में दवा खोज के लिए प्राकृतिक स्रोतों की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया है, जो पेनिसिलिन के ऐतिहासिक संदर्भ को भी दिखाता है। पेनिसिलिन को भी फंगस से उत्पन्न किया गया था। प्रोफेसर गाओ ने कहा, "यह खोज प्राकृतिक यौगिकों की क्षमता को दिखाती है जो कैंसर का प्रभावी उपचार विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।"

भविष्य में और परीक्षण की संभावना

इस शोध का अगला चरण जानवरों के ऊपर परीक्षण करना है, जो आगे चलकर भविष्य में मानव परीक्षणों की संभावना को भी आगे बढ़ा सकता है। जानवरों के ऊपर परीक्षण का ये कदम मानवों में दवा की सुरक्षा और प्रभावशीलता निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस यौगिकों को कैंसर से लड़ने की विशेषताओं को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है, जो कैंसर के इलाज के लिए खोजे जा रहे नए दृष्टिकोण को दिखाता है।

प्रकृति में छुपा रोगों का इलाज

पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के इस शोध के निष्कर्ष से इस बात पर ध्यान जाता है कि प्रकृति में कई गंभीर बीमारियों का इलाज भी मौजूद है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रकृति में कैंसर के नए उपचार विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। जैसे-जैसे सुरक्षित चिकित्सा की आवश्यकता बढ़ती जा रही है, वैज्ञानिकों को आशा है कि प्राकृतिक स्रोतों से कैंसर चिकित्सा में और प्रगति होगी।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

और पढ़ें
End of Article