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What Is CAA: क्या है सीएए कानून, जो आज से भारत में हो गया लागू, 10 प्वाइंट में समझिए

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 11, 2024, 07:14 PM IST

What Is CAA: संसद में पारित होने के पांच साल बाद मोदी सरकार ने सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू कर दिया।

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10 प्वाइंट मे ंसमझिए सीएए काननू

What Is CAA: मोदी सरकार ने आज 11 मार्च 2024 से देश में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (CAA) को लागू कर दिया है। इसके लागू होने से भारत में कई चीजें बदल जाएंगी। गृह मंत्रालय की ओर से सीएए को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

एक बार सीएए के नियम जारी हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार 31 दिसंबर,2014 तक भारत आए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारतीय नागरिकता देना शुरू कर देगी। सीएए को दिसंबर, 2019 में संसद में पारित किया गया था और बाद में इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे। यह कानून अब तक लागू नहीं हो सका था, क्योंकि इसके कार्यान्वयन के लिए नियमों को अब तक अधिसूचित किया जाना बाकी था, लेकिन अब रास्ता साफ हो गया है।

आइए समझते हैं क्या है सीएए कानून (What Is Citizenship Amendment Act)

  1. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए) एक अधिनियम है जो 11 दिसंबर, 2019 को संसद में पारित किया गया था। इसके जरिए 1955 के नागरिकता अधिनियम में संशोधन किया गया है।
  2. इस संशोधन के जरिए उन हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता की अनुमति दी गई
  3. जो दिसंबर 2014 से पहले "धार्मिक उत्पीड़न" के कारण पड़ोसी मुस्लिम बहुसंख्यक देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भाग गए थे।
  4. सीएए 2019 संशोधन के तहत, 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में प्रवेश करने वाले और अपने मूल देश में "धार्मिक उत्पीड़न या धार्मिक उत्पीड़न के डर" का सामना करने वाले प्रवासियों को नए कानून द्वारा नागरिकता के लिए पात्र बनाया गया है।
  5. सीएए कानून मूल रूप से भारत के तीन पड़ोसी देशों जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश शामिल है, के उन अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिक बनने का रास्ता खोलता है, जो लंबे समय से भारत में शरण लिए हुए हैं।
  6. सीएए के उन विदेशियों को अवैध प्रवासी माना गया है, जो इंडिया में बिना पासपोर्ट और वीजा के घुस आए हैं
  7. इस प्रकार के प्रवासियों को छह वर्षों में फास्ट ट्रैक भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
  8. संशोधन ने इन प्रवासियों के निवास की आवश्यकता को ग्यारह वर्ष से घटाकर पांच वर्ष कर दिया।
  9. हालांकि, अधिनियम में मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है।
  10. सीएए के तहत कि नागरिकता देने का अधिकार केंद्र सरकार का होगा।
शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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