Noida Deer Park: दिल्ली-NCR के वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक शानदार खबर है। नोएडा के सेक्टर-91 में करीब 30 एकड़ जमीन पर एक अत्याधुनिक 'डियर पार्क' विकसित किया जा रहा है। इसे एक मिनी जू (Mini Zoo) की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जहां लोगों को अलग-अलग प्रजाति के हिरण एक ही जगह पर देखने को मिलेंगे। इस परियोजना की सबसे खास बात यह होगी कि लोग यहां रात 10 बजे तक 'सनसेट व नाइट सफारी' का रोमांचक अनुभव ले सकेंगे।
परियोजना के तहत हिरणों के प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखते हुए छोटे-बड़े करीब 12 विशेष बाड़े तैयार किए जा रहे हैं। इन बाड़ों का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। पूरे निर्माण कार्य की निगरानी वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में की जा रही है, ताकि हिरणों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।
नवंबर तक पूरा हो सकता है सिविल वर्क
अधिकारियों के अनुसार, डियर पार्क के सिविल निर्माण को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पार्क में हिरणों के अलावा जलीय पक्षियों को भी देखने का अवसर पर्यटकों को मिलेगा।
स्पेशल स्पेक्ट्रम लाइट्स से होगी नाइट सफारी
नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में यह अपनी तरह का पहला अनोखा पार्क होगा, जहां रात के समय भी वन्यजीवों की गतिविधियों को देखा जा सकेगा। बाड़ों का सिविल वर्क पूरा होते ही यहां नाइट सफारी विकसित की जाएगी। इसके तहत दर्शक रात करीब 10 बजे तक हिरणों और जलीय पक्षियों को देख सकेंगे।
जानवरों को नहीं होगी परेशानी
पार्क में खास तकनीक वाली 'स्पेक्ट्रम लाइट्स' लगाई जा रही हैं। इन लाइटों की खासियत यह है कि इनकी रोशनी में पर्यटकों को तो जानवर बिल्कुल साफ दिखाई देंगे, लेकिन हिरणों और पक्षियों को अपने आसपास प्राकृतिक अंधेरा जैसा माहौल ही महसूस होगा।
10 प्रजातियों के 132 हिरण लाने की तैयारी
पार्क में कुल 10 प्रजातियों के 132 हिरण लाने की योजना बनाई गई है। इनमें तीन प्रजातियां अफ्रीका से मंगवाया जाएगा। इसके अलावा देश के अलग-अलग चिड़ियाघरों से भी हिरण लाए जाएंगे। कानपुर, हैदराबाद और लखनऊ के चिड़ियाघरों से हिरण लाने की योजना है।
नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में पहली ऐसी सफारी
प्राधिकरण के अनुसार, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में इस तरह का कोई डियर पार्क मौजूद नहीं है। ऐसे में यह पार्क एनसीआर का एक प्रमुख टूरिस्ट और फैमिली आउटिंग स्पॉट बनकर उभर सकता है। पार्क को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करने के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों और सलाहकारों की मदद ली जा रही है।
