Violence In West Bengal and Britain : बांग्लादेश से लेकर ब्रिटेन तक कोहराम मचा हुआ है। दंगाई सड़कों पर हैं। दुकानों में लूटपाट और वाहनों को आग के हवाले किया जा रहा है। दंगों में सबसे बुरा हाल बांग्लादेश का है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरक्षण के खिलाफ जुलाई महीने में शुरू हुई हिंसा में अब तक करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है, इसमें छात्रों की संख्या अधिक है। यहां सोमवार को ढाका तक लॉन्ग मार्च निकालने की तैयारी है। बांग्लादेश में रविवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों में पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 101 लोगों की जान जा चुकी है। बांग्लादेश में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री शेख हसीना से पद छोड़ने की मांग कर रहे हैं।
ब्रिटेन की दुकानों में लूटपाट, पुलिस पर हमले
वहीं, ब्रिटेन में लिवरपूल, हल, ब्रिस्टल, लीड्स, ब्लैकपूल, स्टोक-ऑन-ट्रेंट, बेलफास्ट, नॉटिंघम और मैनचेस्टर में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पटाखे फेंके। उस होटल की खिड़कियां तोड़ दी गईं जहां देश में शरण चाहने वाले ठहरे हुए थे। साथ ही दुकानों पर हमला किया गया और उन्हें लूटा गया। प्रदर्शनकारी भीड़ और पुलिस के बीच कई झड़पें हुईं। प्रवासी विरोधी दक्षिणपंथी समूहों का नस्लवाद विरोधी प्रदर्शनकारियों से आमना-सामना हो रहा है। इन हिंसक विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए ब्रिटेन की सरकार ने सोमवार को आपात बैठक बुलाई है। प्रदर्शनों के सिलसिले में अब तक 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पीएम स्टार्मर ने होटल पर हमले की निंदा की
ब्रिटेन के उत्तरी शहर रॉदरहैम में रविवार को पुलिस को धुर दक्षिणपंथी समूह के कार्यकर्ताओं के समूह को एक होटल में घुसने की कोशिश करने से रोकने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना के बाद पीएम कीर स्टार्मर ने शरणार्थियों के लिए बने होटल पर हमले की निंदा की और इसे ‘दक्षिणपंथी गुंडागर्दी’करार दिया। बता दें कि पिछले सप्ताह उत्तर-पश्चिमी ब्रिटेन के साउथपोर्ट में बच्चों की ‘डांस क्लास’ में हुई चाकूबाजी की घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी। इसके बाद ब्रिटेन के कई शहरों में दंगा भड़क गया। दंगे की चपेट में करीब 17 शहर आ गए। उपद्रव पर उतारू भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की। 2011 में ब्रिटेन के 7 शहरों में पुलिस के खिलाफ दंगे भड़के थे।
ढाका में सेना तैनात
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में तनाव है। आशंका है कि सोमवार को यहां नए सिरे से हिंसा फैल सकती है। हिंसा को देखते हुए हसीना सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ढाका विश्विद्यालय, मेट्रो रेल और बांग्लादेश के टेलिविजन मुख्यालय सहित कई जगहों पर सेना की यूनिटें तैनात की गई हैं। राजधानी में पुलिस ने गश्ती बढ़ा दी है और वह हाई अलर्ट पर है। कई सड़कों पर बैरिकेडिंग कर उसे बंद कर दिया गया है और ज्यादातर सड़कें खाली हैं। इन रास्तों पर गिने-चुने रिक्शा, मोटराबाइक और निजी वाहन नजर आ रहे हैं।
हसीना के बातचीत के न्योते को ठुकराया
सरकार के इस्तीफे की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थक लोगों के बीच भीषण झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के बातचीत के न्योते को भी ठुकरा दिया है। दोनों गुटों के बीच टकराव में अब तक 101 लोगों की जान चली गई है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं, जिन पर प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूट रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, सत्तारूढ़ पार्टी के दफ्तरों और उनके नेताओं के आवास पर हमला किया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश
भारत ने बांग्लादेश में अपने नागरिकों को "अत्यधिक सावधानी" बरतने और अपनी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी है। सहायक उच्चायोग, सिलहट ने कहा है कि छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस कार्यालय के संपर्क में रहें। आपात स्थिति में, +88-01313076402 पर संपर्क करें। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि विरोध के नाम पर बांग्लादेश में तोड़फोड़ करने वाले लोग छात्र, नहीं बल्कि आतंकवादी हैं और उन्होंने जनता से ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने को कहा है।
