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अनएकेडमी ने टीचर को नौकरी से क्यों निकाला, पढ़े-लिखों को वोट देने की बात क्यों पड़ गई भारी?

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 18, 2023, 03:55 PM IST

करण सांगवान को इस तरह से हटाए जाने पर हंगामा और विवाद खड़ा हो गया है। इस पर राजनीति भी जोरों पर है। अनएकेडमी ने सफाई देते हुए कहा कि करण ने कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया था...

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करण सांगवान को नौकरी से निकाला

Unacademy Fired Teacher: एडटेक कंपनी अनएकेडमी (Unacademy) द्वारा अपने टीचर को निकालने का मामला इन दिनों गर्माया हुआ है। इस टीचर का वो वीडियो वायरल हो रहा है जिसके कारण उसे नौकरी से निकाला गया। इस वीडियो में करण सांगवान नाम का टीचर छात्रों से आगामी चुनावों में पढ़े-लिखे लोगों को वोट देने के लिए कह रहा है। शिक्षक की यही अपील उस पर भारी पड़ गई और उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ा।

क्या कहा था करण सांगवान ने

इस वीडियो करण कह रहे हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं रोऊं या हंसूं। क्योंकि मेरे पास भी मेरे बेयर एक्ट्स हैं, बहुत सारे केस लोड हैं, बहुत सारे नोट्स हमने भी बनाए थे। बहुत मेहनत है। आप लोगों को भी काम मिल गया। याद रखें कि अगली बार जब भी आप वोट करें तो एक शिक्षित व्यक्ति को चुनें ताकि आपको दोबारा इस स्थिति का सामना न करना पड़े। उस व्यक्ति को वोट दें जो चीजों को समझता हो। अपने फैसले ठीक से ले सके।

अब सांगवान ने अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरू किया है और ऐलान किया है कि वह 19 अगस्त को विवाद के बारे में पूरा ब्योरा पोस्ट करेंगे। सांगवान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसके कारण मैं विवाद में हूं और उस विवाद के कारण मेरे कई छात्र परेशान हैं। सांगवान ने कहा, न्यायिक सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को नतीजे भुगतने पड़ रहे हैं। उनके साथ-साथ मुझे भी परिणाम भुगतने होंगे।

सियासत का खेल शुरू

इसे लेकर अब सियासत का खेल शुरू हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा, क्या एक शिक्षित राजनेता के लिए लोगों से वोट करने की अपील करना अपराध है? अगर कोई अनपढ़ है तो मैं व्यक्तिगत तौर पर उसका सम्मान करता हूं। लेकिन जनप्रतिनिधि अनपढ़ नहीं हो सकते। यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। अनपढ़ जन प्रतिनिधि कभी भी 21वीं सदी के आधुनिक भारत का निर्माण नहीं कर सकते।

सांगवान ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कई यूजर्स ने शिक्षा के नाम पर राजनीतिक प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देने के लिए उनकी आलोचना की। कुछ लोगों ने उनके अनुबंध को समाप्त करने के एडटेक कंपनी के फैसले का भी समर्थन किया।

कंपनी की सफाई

करण सांगवान को इस तरह से हटाए जाने पर हंगामा और विवाद खड़ा हो गया है। इस पर राजनीति भी जोरों पर है। अनएकेडमी ने सफाई देते हुए कहा कि करण ने कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन किया था, इसलिए ऐसा कदम उठाया गया। अनएकेडमी ने सफाई देते हुए कहा, हम एक एजुकेशन प्लेटफॉर्म हैं, जो गुणवत्ता वाली शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसे लेकर हमने हमारे शिक्षकों के लिए एक सख्त कोड ऑफ कंडक्ट लागू किया है, ताकि छात्रों को निष्पक्ष ज्ञान मिल सके। हम जो भी करते हैं, उसके केंद्र में हमारे छात्र होते हैं। कक्षा निजी राय और विचार साझा करने की जगह नहीं है, क्योंकि इससे छात्र गुमराह हो सकते हैं और उन पर गलत असर पड़ सकता है।

कौन हैं करण सांगवान?

करण सांगवान लॉ टीचर हैं। करण ने क्रिमिनल लॉ में एलएलएम किया है। उन्होंने शिमला की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की है। करण ने फरवरी 2020 में अनएकेडमी में नौकरी शुरू थी। यहां आने से पहले करीब एक साल तक उन्होंने हिसार स्थित सीआर कॉलेज में भी पढ़ाया था। करण लीगल पाठशाला नाम से अपना यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं जहां उनके लगभग 80 हजार सब्सक्राइबर्स हैं।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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