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विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान पर राहुल गांधी ने दी बधाई, बोले- सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की साझेदारी से मजबूत होगा भारत

राहुल गांधी ने भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग पर स्काईरूट एयरोस्पेस, ISRO और IN-SPACe को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया।

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राहुल गांधी ने इसरो और स्काईरूट को बधाई दी। (फोटो- pti/wikipedia)

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग पर स्काईरूट एयरोस्पेस, इसरो (ISRO) और इन-स्पेस (IN-SPACe) की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और समाज की प्रगति के लिए सार्वजनिक संस्थानों और निजी क्षेत्र की साझेदारी भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि विक्रम-1 की सफल उड़ान वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों की वर्षों की मेहनत, धैर्य और सटीकता का परिणाम है। उन्होंने कहा, "स्काईरूट एयरोस्पेस की युवा टीम और इस मिशन में सहयोग देने वाले इसरो तथा इन-स्पेस के सभी लोगों को मेरी ओर से हार्दिक बधाई।"

'युवाओं को अवसर और भरोसा देना जरूरी'

राहुल गांधी ने कहा कि भारत तब सबसे मजबूत होता है, जब सार्वजनिक संस्थान और निजी कंपनियां विज्ञान और समाज की सेवा में एक-दूसरे की क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं को बड़े विचारों को हकीकत में बदलने के लिए अवसर और भरोसा मिलना चाहिए।

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने 18 जुलाई को इतिहास रच दिया। भारत की पहली निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित ऑर्बिट क्लास के रॉकेट विक्रम-1 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस रॉकेट को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया। बता दें कि विक्रम-1 तीन ठोस ईंधन (सॉलिड-फ्यूल) चरणों और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल से संचालित रॉकेट है। यह मिशन 450 किलोमीटर ऊंचाई वाली लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में 60 डिग्री झुकाव (इंक्लिनेशन) के साथ 350 किलोग्राम तक के पेलोड को स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है।

रॉकेट ने कई प्रौद्योगिकी प्रदर्शन (Technology Demonstration) पेलोड और पोस्टकार्ड को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में स्थापित किया। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'वंदे मातरम्' संदेश वाला पोस्टकार्ड भी शामिल था।

अमेरिका और चीन के बाद भारत ने हासिल की नई उपलब्धि

विक्रम-1 की सफलता के साथ भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा देश बन गया है, जिसके पास निजी कंपनियों के जरिए ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने की क्षमता है। यह उपलब्धि भारत के तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

पीएम मोदी ने कहा कि यह मिशन देश के युवाओं की प्रतिभा, संकल्प और उद्यमशीलता की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्पेस सेक्टर में किए गए सुधारों से नवाचार और निजी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं, जिसका परिणाम आज दुनिया के सामने है। प्रधानमंत्री ने Skyroot Aerospace की पूरी टीम को सफल लॉन्च के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि Vikram-1 नई ऊंचाइयों को छुए, इतिहास रचे और आने वाली पीढ़ी के इनोवेटर्स को प्रेरित करे।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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