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Monsoon 2026: उत्तराखंड में भारी बारिश का रेड अलर्ट, अरुणाचल में बाढ़-भूस्खलन से तबाही; राजस्थान में बढ़ेगी मानसून की रफ्तार

देश के कई राज्यों में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। उत्तराखंड में रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच यात्रा प्रभावित हुई है, जबकि अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं, राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर है, लेकिन अगले सप्ताह से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।

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देशभर में मानसून का प्रहार

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिससे भारी बारिश और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि केदारनाथ और कैलाश-मानसरोवर यात्रा भी प्रभावित हुई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। दूसरी ओर राजस्थान में अगले सप्ताह से बारिश की गतिविधियों में फिर तेजी आने का अनुमान जताया गया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड के कई जिलों में अगले कुछ दिनों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बीच शनिवार को केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन के चलते घोड़ा-खच्चर सेवा बाधित हो गई, जबकि गुंजी मार्ग अवरुद्ध होने की वजह से कैलाश-मानसरोवर यात्रा के चौथे जत्थे को धारचूला आधार शिविर में रोक दिया गया। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की शनिवार को चेतावनी दी जिसके बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

कहां जारी हुआ रेड अलर्ट?

मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए रविवार को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। वहीं, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार और बागेश्वर जिलों में रविवार को भारी से बहुत भारी वर्षा तथा गरज-चमक के साथ अत्यंत तेज बारिश की आशंका के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार यानी 20 जुलाई के लिए देहरादून, हरिद्वार और टिहरी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना है। सोमवार के लिए नैनीताल, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

देहरादून और बागेश्वर जिलों में 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट

देहरादून और बागेश्वर जिलों में 21 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 22 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने, राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने तथा भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर आवश्यक मशीनरी एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और नागरिकों से इस दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, यात्रा पर निकलने से पहले मौसम एवं सड़कों की स्थिति की जानकारी लेने तथा भारी वर्षा के दौरान नदी-नालों, गदेरों (बरसाती जल निकाय) और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

घोड़ा-खच्चर और डोली सेवाओं पर रोक

इस बीच, केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच शुक्रवार को पहाड़ी से बड़े पत्थर (बोल्डर) और मलबा गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके बाद घोड़ा-खच्चर और डोली सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गईं। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पत्थर गिरने की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। दलों ने मलबा हटाकर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया है लेकिन घोड़ा-खच्चर सेवा अब भी बाधित है। इस बीच, पिथौरागढ़ के धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह बिष्ट ने बताया कि गुंजी मार्ग पर गरबाधार में भूस्खलन होने के कारण कैलाश-मानसरोवर तीर्थयात्रियों के 50 सदस्यीय चौथे जत्थे को धारचूला आधार शिविर में ही रोक दिया गया है।

अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं जारी

वहीं अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग और कामले जिलों में फिर से बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और IMD ने रविवार को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की शनिवार शाम जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में पूर्वी सियांग और कामले जिलों में बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि लोअर दिबांग घाटी जिले में शनिवार को कोरोनू सर्कल अंतर्गत दिफू नाला में पानी का स्तर बढ़ने के बाद कुछ मजदूर फंस गए। जिला पुलिस और एसडीआरएफ की बचाव टीमों ने उन तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण अभियान रोकना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, बचाव अभियान रविवार को फिर शुरू किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि लगातार जारी बाढ़ और भूस्खलन से अब तक पूर्वोत्तर राज्य में सात लोगों की मौत हुई है, 29 लोग घायल हुए हैं और 1,49,257 लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि मानसून से जुड़ी घटनाओं के कारण राज्य के 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव प्रभावित हुए हैं।

राजस्थान में मानसून पर क्या है अपडेट?

साथ ही राजस्थान में दक्षिण पश्चिम मानसून लगातार कमजोर बना हुआ है, हालांकि अगले हफ्ते इसके दोबारा जोर पकड़ने और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। इसके अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में कमजोर मानसून परिस्थितियां अगले दो-तीन दिन जारी रहेंगी। हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में 21 जुलाई से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। वहीं 22-23 जुलाई से राज्य के पश्चिमी व मध्य भागों में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। जबकि 23 से 28 जुलाई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर-बीकानेर संभाग के कुछ भागों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार सुबह तक के चौबीस घंटे में राज्य के पूर्वी भाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई जबकि पश्चिमी भाग मुख्यतया शुष्क रहे। सबसे अधिक 32 मिलीमीटर बारिश बसवा (दौसा) में हुई। इस दौरान सर्वाधिक अधिकतम तापमान गंगानगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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