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विपक्ष ने पीएम मोदी पर क्यों लगाया SC, ST और OBC का अपमान करने का आरोप? जानें क्या है वो विवाद

Opposition vs PM Modi: विपक्षी दलों के नेताओं ने पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ये दावा किया है कि प्रधानमंत्री ने एससी, एसटी और ओबीसी के अपमान वाले भाषण का समर्थन किया। आखिर ऐसा क्या हुआ तो विपक्ष ने एक सुर में उन पर ये गंभीर आरोप लगाया। आपको सारा विवाद समझाते हैं।

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विपक्षी नेताओं ने पीएम मोदी को क्यों घेरा?

Parliament News: क्या आप जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि जो विपक्षी दलों ने एक सुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगा दिया। विपक्ष ने ये कहा कि पीएम मोदी ने एससी, एसटी और ओबीसी के अपमान वाले भाषण का समर्थन किया है। ये विवाद अनुराग ठाकुर के उस बयान से शुरू हुआ, जिसे प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंगलवार को साझा किया था। विपक्षी दलों ने इसके अगले ही दिन बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ठाकुर ने बजट पर चर्चा के दौरान जो टिप्पणियां की वह दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गो का अपमान है।

पीएम मोदी पर इसे बढ़ावा देने का लगाया आरोप

मुख्य विपक्षी दल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसदीय विशेषाधिकार के हनन को बढ़ावा दिया है। ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए जाति जनगणना की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए थे। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा था, 'जिसकी जाति का पता नहीं, वह जाति जनगणना की बात करता है।' कांग्रेस सदस्यों ने इसको लेकर गहरी आपत्ति जताई तथा सदन में पुरजोर हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उनका अपमान किया है। ठाकुर की यह टिप्पणी अभी भी कार्यवाही का हिस्सा है, हालांकि उनके भाषण के कुछ अन्य अंश हटा दिए गए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी को सुनाई खरी-खोटी

मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि 'संसद में किसी की जाति नहीं पूछी जाती। ऐसा जानबूझकर अपमान करने के लिए किया गया है। प्रधानमंत्री को भी ऐसी अशोभनीय बातों का समर्थन नहीं करना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि कब और किन बातों का बचाव करना है। मैं ऐसी अशोभनीय बातों का और उनके समर्थन में किए गए नरेंद्र मोदी के ट्वीट की घोर निंदा करता हूं।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा संसद में दिए भाषण की तारीफ की। उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर कहा, 'यह भाषण मेरे युवा और ऊर्जावान सहयोगी अनुराग ठाकुर का है। जिसे अवश्य सुनना चाहिए। यह तथ्यों से समाहित है। यह इंडी गठबंधन की गंदी राजनीति को उजागर करता है।' इसी को लेकर खड़गे ने पीएम मोदी को खरी-खोटी सुना दी।

जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर उठाया गंभीर सवाल

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में दिये गए अनुराग ठाकुर के इस भाषण की मंगलवार को सराहना की थी और कहा था कि इसे अवश्य सुना जाना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'यह भाषण जिसे नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ‘अवश्य सुनने’ वाला बता रहे हैं, इसमें इनके सांसद ने बेहद ही अपमानजनक, असंवैधानिक और निंदनीय बातें कही हैं। इसका वीडियो साझा करके प्रधानमंत्री ने संसदीय विशेषाधिकार के घोर उल्लंघन को बढ़ावा दिया है।'

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक सांसद और विपक्ष के नेता से उनकी जाति पूछकर संसदीय संवाद एवं चर्चा के स्तर को और नीचे गिरा दिया है। रमेश ने कहा, 'विपक्ष के विरोध पर सभापति जगदंबिका पाल ने आश्वासन दिया कि भाषण के उन अंशों को हटा दिया जाएगा। संसद की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाए गए भाषण के अंश को संपादित और अपलोड किया जाता है। संसद टीवी ने गैर-संपादित भाषण अपलोड किया और नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने इसे सार्वजनिक रूप से शेयर करते हुए इसकी तारीफ की है।' उन्होंने दावा किया कि यह भारत के संसदीय इतिहास में एक नई और शर्मनाक गिरावट है तथा यह भाजपा, आरएसएस और नरेन्द्र मोदी के, गहरी जड़ें जमा चुके जातिवाद को दर्शाता है।

गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री को लेकर कही ये बड़ी बात

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि जाति जनगणना के संबंध में बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा नेताओं द्वारा की गई ‘‘असंवेदनशील’’ टिप्पणियों के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों बुधवार को सदन के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, 'हम जानते हैं कि जाति जनगणना एक बहुत ही भावनात्मक मुद्दा है और भारत में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के कई लोग जाति जनगणना चाहते हैं, लेकिन संसद में भाजपा ने उनकी मांग का मजाक उड़ाया। संसद में भाजपा द्वारा उनका अपमान किया गया और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि खुद प्रधानमंत्री ने ठाकुर के भाषण का वीडियो साझा कर उस भाषण की प्रशंसा की।' गोगोई ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने उस भाषण की सराहना की जिसमें दलितों, ओबीसी और आदिवासियों का अपमान किया गया था।

'भाजपा के लोगों के दिल में SC, ST, OBC के लिए जगह नहीं'

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि उनकी पार्टी कहती रही है कि भाजपा के लोगों के दिल में एससी, एसटी, ओबीसी और मुसलमानों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, 'संसद में उनका अपमान किया जा रहा है। हम लगातार जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं और सरकार लगातार इससे इनकार कर रही है। इस सरकार के तहत आरक्षण से इनकार किया जा रहा है।' ठाकुर की टिप्पणी को लेकर यादव ने कहा, 'हम इसकी निंदा करते हैं और इसके खिलाफ संघर्ष करेंगे।'

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने कहा कि ठाकुर ने अपनी सामंती मानसिकता का सबूत दिया है। उन्होंने कहा, 'सवाल यह नहीं है कि राहुल गांधी, तेजस्वी की जाति क्या है, बल्कि सवाल जाति जनगणना का है। भाषण को दोबारा ट्वीट करके प्रधानमंत्री ने दिखाया है कि वह ‘भैंस, मंगलसूत्र और मुजरा’ से ऊपर नहीं उठ सकते।' कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी ठाकुर की आलोचना की और कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि प्रधानमंत्री इस तरह की टिप्पणियों का समर्थन करेंगे।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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