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PM Modi Equal Nehru Record Explained: नरेंद्र मोदी ने की जवाहरलाल नेहरू की बराबरी, इतिहास के पन्नों पर दर्ज हुआ नया रिकॉर्ड; जानें क्या है वो उपलब्धि

PM Modi Equal Nehru Record Explained in Hindi: देश के इतिहास में ऐसा दूसरी हुआ है जब कोई प्रधानमंत्री लगातार तीसरी बार शपथ लिया हो। भारत के इतिहास में जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी ऐसे दूसरे पीएम बन चुके हैं। एक साधारण से भाजपा कार्यकर्ता के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले नरेंद्र मोदी का सफर वाकई बेहद लोकप्रिय है।

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नरेंद्र मोदी ने रच दिया इतिहास।

Photo : Times Now Digital

Narendra modi Equal Jawaharlal Nehru Record: भारत की राजनीति में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब कोई नेता लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बना हो। ये रिकॉर्ड अब तक देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर दर्ज था। अब नरेंद्र मोदी ऐसे दूसरे नेता बन चुके हैं जो लगातार तीसरी बार सत्ता के सबसे बड़े सिंहासन पर काबिज हुए हैं। इतिहास के पन्ने पर नरेंद्र मोदी का नाम दर्ज हो चुका है, मोदी 3.0 के नाम का नया अध्याय लिखा जा चुका है।

इतिहास के पन्नों पर दर्ज मोदी, की नेहरू की बराबरी

तारीख 9 जून, 2024... दिन- रविवार, समय 7 बजकर 23 मिनट। यही वो पल था जब भारत में नया इतिहास लिखा गया। इसी ऐतिहासिक तारीख, दिन, समय पर नरेंद्र मोदी ने को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वो ऐसे दूसरे व्यक्ति हैं, जिन्होंने आजाद हिंदुस्तान ने इस खिताब को अपने नाम किया हो। आपको आंकड़ों से समझाते हैं कि आखिर मोदी ने नेहरू की बराबरी कैसे कर ली।

अब तक सिर्फ नेहरू के नाम दर्ज था ये कीर्तिमान

जवाहरलाल नेहरू 1947 से 1964 तक 16 साल और 286 दिनों की अवधि के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे। कांग्रेस पार्टी द्वारा 1951-52 में पहला लोकसभा चुनाव जीतने और फिर 1957 और 1962 में जीत हासिल करने के बाद नेहरू प्रधानमंत्री चुने गए। मई 1964 में अपने तीसरे कार्यकाल में नेहरू का निधन हो गया। अगर एनडीए ने लोकसभा चुनाव 2024 में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की और नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

Modi Takes Oath.

नरेंद्र मोदी ने ली शपथ।

मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने ली शपथ

लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेना भारत की राजनीति में एक असाधारण घटना है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद नरेंद्र मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो प्रत्येक पिछले कार्यकाल का पूरा कार्यकाल पूरा करने के बाद लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए और प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। मोदी के साथ उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी शपथ ली।

इंदिरा गांधी भी नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गई थीं

जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज इस रिकॉर्ड को तोड़ पाने की कोशिश खुद उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने भी की थी, हालांकि वो इस कोशिश में नाकाम रह गई थीं। दरअसल, नेहरू के निधन के बाद 1964 में लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री बने थे। जनवरी 1966 में ताशकंद में शास्त्री की संदेहास्पद मृत्यु हो गई। जब शास्त्री के बाद इंदिरा ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली तो वो दौर इतिहास रचने के लिए जाना गया। इंदिरा के बड़े फैसलों ने दुनियाभर में भारत का डंका बजाया। लेकिन कांग्रेस में पड़ी फूट के चलते 1977 में पहली बार भारत में गैर कांग्रेसी सरकार बनी और मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। यदि 1977 का चुनाव इंदिरा ने जीत लिया होता तो लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड उनके नाम पर भी दर्ज रहता। हालांकि 1977 में हार के बाद 1980 में इंदिरा ने वापसी कर ली थी।

2014 और 2019 में बीजेपी के पास था बहुमत

भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को वह शानदार जीत नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी और जो एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया था। यही कारण है कि बीजेपी को इस बार अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार चलानी होगी, वो अपनी सहयोगी पार्टियों पर निर्भर रहेगी। पार्टी ने 2019 और 2014 में क्रमश: 303 और 282 सीटें जीती थी और अपने दम पर बहुमत हासिल किया था ।

2024 के चुनावी नतीजों में किसे कितनी सीटें मिली?

543 लोकसभा सीटों में से भाजपा को 240 सीटें और एनडीए को 292 सीटें मिलीं। कांग्रेस ने भारतीय दल के रूप में चुनाव लड़ा और दोनों दल मिलकर भाजपा को लोकसभा में अकेले बहुमत हासिल करने से रोकने में सफल रहे । कांग्रेस को 99 सीटें मिलीं। समाजवादी पार्टी को 37 सीटें मिलीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 29 सीटें मिलीं। डीएमके को 22 सीटें मिलीं।

ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए सत्ता में किसी भी पार्टी की परवाह किए बिना सभी राज्यों के साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया। मोदी का यह लगातार तीसरा कार्यकाल है। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद अपने पहले भाषण में, मोदी ने तीसरे कार्यकाल के लिए अपना दृष्टिकोण रखते हुए कहा था कि यह बड़े फैसलों का कार्यकाल होगा और मुख्य जोर भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने पर होगा। ऐसे में मोदी सरकार 3.0 के शुरुआती 100 दिनों पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी होंगी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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