सरकार Hindustan Copper में अपनी 6% तक हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹3,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के शेयरों की Offer for Sale यानी OFS आज से खुल रहा है। सरकार ने इस OFS के लिए ₹514 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह Hindustan Copper के सोमवार के BSE क्लोजिंग भाव ₹573.60 से करीब 11.6% कम है।
पहले चरण में 3% हिस्सेदारी की बिक्री
कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, सरकार शुरुआती तौर पर 2.9 करोड़ से कुछ ज्यादा शेयर बेच रही है। यह Hindustan Copper की कुल इक्विटी का करीब 3% है। निवेशकों की मांग को देखते हुए सरकार अतिरिक्त 2.9 करोड़ शेयर यानी करीब 3% और हिस्सेदारी बेच सकती है। इस तरह कुल OFS 6% तक पहुंच सकता है। इस OFS के जरिए सरकार को करीब ₹3,000 करोड़ जुटाने की उम्मीद है। Hindustan Copper देश की प्रमुख कॉपर उत्पादक कंपनियों में शामिल है और इसमें सरकार की बड़ी हिस्सेदारी है।
रिटेल निवेशकों के लिए 26 अगस्त को मौका
OFS के पहले दिन संस्थागत और अन्य पात्र निवेशक बोली लगा सकेंगे। रिटेल निवेशकों के लिए बोली 26 अगस्त को खुलेगी। सरकार ने रिटेल निवेशकों के लिए कुल ऑफर का 10% हिस्सा रिजर्व रखा है। इसके अलावा योग्य कर्मचारियों के लिए 25,000 शेयर अलग से रिजर्व किए गए हैं।
सरकार के विनिवेश विभाग के सचिव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस OFS की जानकारी साझा की है।
सरकार की हिस्सेदारी 60% के करीब आएगी
BSE पर उपलब्ध शेयरहोल्डिंग के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार के पास अभी Hindustan Copper की 66.1% हिस्सेदारी है। अगर OFS में पूरी 6% हिस्सेदारी बिक जाती है, तो सरकार की हिस्सेदारी घटकर 60% से थोड़ी ज्यादा रह जाएगी। इस OFS के लिए DAM Capital Advisors, Emkay Global Financial Services और IDBI Capital Markets & Securities को मैनेजर्स नियुक्त किया गया है।
इस वित्त वर्ष में 10वां विनिवेश
Hindustan Copper में हिस्सेदारी बिक्री चालू वित्त वर्ष का 10वां विनिवेश ऑफर है। इससे पहले 6 अगस्त को सरकार ने LIC में 10% हिस्सेदारी बेचकर ₹31,515 करोड़ जुटाए थे। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा OFS था। वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक सरकार नौ विनिवेशों और SUUTI से जुड़ी कुछ प्राप्तियों के जरिए कुल ₹52,716 करोड़ जुटा चुकी है। बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए ₹80,000 करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा है। Hindustan Copper OFS से होने वाली रकम सरकार को इस लक्ष्य के और करीब ले जाएगी।
