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न रेपिस्ट बचे न गैंगस्टर! योगीराज में यूपी में कितने एनकाउंटर? 8 साल में अपराधियों पर बरसती रही हैं गोलियां; मेरठ टॉप पर

UP Encounter List: उत्तर प्रदेश में पिछले आठ वर्ष में 234 दुर्दांत अपराधी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए है। साथ ही अपराधियों से मुकाबला करते हुए 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी जबकि 1,700 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

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उत्तर प्रदेश में रोज होते रहे हैं कई एनकाउंटर

UP Encounter List: उत्तर प्रदेश में जब 2017 में बीजेपी ने सत्ता में वापसी की और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, तो उस समय सबसे बड़ी चुनौती थी कानून व्यवस्था, अपराध का ग्राफ ऊपर था और राज्य इसे लेकर बदनाम हो रहा था। इसके बाद जब योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली तो पुलिस को खुली छुट मिली और फिर पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई। उत्तर प्रदेश पुलिस एक ओर जहां अपराधियों और आरोपियों को गिरफ्तार करके सजा दिलवाने में जुटी तो वहीं दूसरी ओर उन गैंगेस्टरों पर भी सख्ती की जो कानून को ठेंगा दिखा रहे थे, पुलिस पर गोली चलाकर भाग जा रहे थे। पुलिस ने यहां जवाबी एनकाउंटर करना शुरू किया। कई अपराधी/बदमाश इन एनकाउंटर्स में घायल हुए, कुछ मारे भी गए। यूपी पुलिस का कुछ एनकाउंटर विवादों में भी रहा, कई जांच के घेरे में भी है। लेकिन एक सच्चाई ये भी अपराधियों के मन में कानून का डर बैठा है।

पिछले 8 साल में कितने एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश में पिछले आठ वर्ष में 234 दुर्दांत अपराधी पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए जबकि 9,202 अपराधी घायल हो गये। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ नीत सरकार ने कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति (जीरो टॉलरेंस नीति) के तहत पिछले आठ वर्ष में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की। इस दौरान 234 दुर्दांत अपरधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया।

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विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ

अपराध की दुनिया के कई बड़े नामों का खात्मा

  • विकास दुबे (Vikas Dubey) – जुलाई 2020 में कानपुर में; आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी, वाहन पलटने पर पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में मारा गया।
  • टिंकू कपूराला (Tinku Kapala) – जुलाई 2020, बाराबंकी में STF ऑपरेशन में मारा गया; ₹1 लाख इनाम।
  • बांग्लादेशी गैंगस्टर हामज़ा (Hamza) – अक्टूबर 2021, लखनऊ में गोमती नगर एरिया में मारा गया।
  • मोती सिंह (Moti Singh) – फ़रवरी 2021, कासगंज/सिधपुरा में मारा गया; पुलिसकर्मी की हत्या में आरोपी।
  • विनोद कुमार सिंह (Vinod Kumar Singh) – सितंबर 2022, जौनपुर पुलिस के साथ बुलेटफायर में मारा गया; इनाम ₹1 लाख।
  • मनीष सिंह 'Sonu' – मार्च 2022, वाराणसी STF ऑपरेशन; 32 केस में वांछित, इनाम ₹2 लाख।
  • असद अहमद और गुलाम – अप्रैल 2023, झांसी, Umesh Pal केस में शामिल; दोनों पर ₹5‑5 लाख का इनाम।

18 पुलिसकर्मी की मौत

इस दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ की 14,741 घटनाएं हुईं, जिनमें 30,293 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं अपराधियों से मुकाबला करते हुए 18 पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी जबकि 1,700 पुलिसकर्मी घायल हुए।

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विकास दुबे का एनकाउंटर

सबसे ज्यादा एनकाउंटर मेरठ जोन में

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण के हवाले से बयान में कहा गया कि प्रदेश में सबसे अधिक मुठभेड़ मेरठ ज़ोन में हुई जहां पुलिस ने 4,183 कार्रवाई की। इनमें 7,871 अपराधी पकड़े गए जबकि 2,839 अपराधी घायल हो गए। इस दौरान 77 कुख्यात अपराधी मौके पर ही मारे गए। इस दौरान 452 पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी।

पीएम के क्षेत्र में कितने एनकाउंटर

उन्होंने कहा कि वाराणसी ज़ोन में मुठभेड़ की 1,041 घटनाएं हुईं, जिनमें 2,009 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया जबकि 26 अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस दौरान 605 अपराधी और 96 पुलिसकर्मी घायल हुए। पूरे प्रदेश में वाराणसी जोन मुठभेड़ मामले में दूसरे स्थान पर है। आगरा जोन राज्य में तीसरे स्थान पर है। यहां 2,288 मुठभेड़ की घटनाएं हुईं, जिनमें 5,496 अपराधियों को दबोचा गया। इस दौरान 715 अपराधी घायल हुए जबकि 19 अपराधी मार गिराए गए। मुठभेड़ के दौरान 56 पुलिसकर्मी घायल हुए।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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