Main Vaapas Aaunga Review: प्यार में जुदाई से ज्यादा रुलाएगा बंटवारे का दर्द

Main Vaapas Aaunga Review: इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी वाघ और वेदांग रैना स्टारर यह फिल्म प्यार, जुदाई और भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द को दिखाती है। अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो टिकट बुक करने से पहले हमारा यह रिव्यू जरूर पढ़ लें।

Kumar SarashAuthored by: Kumar SarashUpdated Jun 11 2026, 16:02 IST

Main Vaapas Aaunga

क्रिटिक्स रेटिंग
starstarstarstarstar

3.0

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प्यार में जुदाई से ज्यादा रुलाएगा बंटवारे का दर्द (pic credit-main vaapas aaunga film)

Main Vaapas Aaunga Review: 'ये प्यार जहर की तरह होता है, इसकी एक बूंद भी दिल में रह जाए तो इंसान को चैन से जीने और मरने नहीं देती।' दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) का यह दमदार डायलॉग फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' (Main Vaapas Aaunga) के ट्रेलर में सुनने को मिला था, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया था। दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ, नसीरुद्दीन शाह और वेदांग रैना स्टारर यह फिल्म कल यानी 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। प्यार, जुदाई और भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द पर आधारित इस फिल्म को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या निर्देशक इम्तियाज अली इस दर्दभरी प्रेम कहानी को बड़े पर्दे पर प्रभावी ढंग से उतार पाए हैं? आइए जानते हैं फिल्म का पूरा रिव्यू। (टाइम्स नाव नवभारत पर ये भी पढ़ें-वेदांग रैना-शरवरी की परफॉर्मेंस ने जीता Ektaa Kapoor का दिल, कही ये बात)

क्या है कहानी?

'मैं वापस आऊंगा' एक ऐसी प्रेम कहानी है, जिसे इतिहास ने तोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन प्यार की ताकत उसे जिंदा रखती है। फिल्म में यंग सिख लड़का कीनू (वेदांग रैना) एक मुस्लिम लड़की जिया (शरवरी वाघ) से बेइंतहा प्यार करता है। दोनों जानते हैं कि उनका रिश्ता आसानी से मुकम्मल नहीं होने वाला है, फिर भी वे साथ जीने-मरने के वादे करते हैं। लेकिन भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है और दोनों अलग हो जाते हैं। फिल्म दो अलग-अलग समय की कहानी दिखाती है। एक तरफ कीनू और जिया का प्यार है, वहीं दूसरी तरफ 95 साल के कीनू (नसीरुद्दीन शाह) हैं, जो आज भी अपनी अधूरी मोहब्बत के लिए दिन-रात तड़प रहे हैं। उन्हें अपने परिवार की कई बातें याद नहीं रहतीं, लेकिन जिया को वो भूल नहीं पाते। उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) यह जानने की कोशिश करता है कि आखिर ऐसा कौन-सा अधूरा वादा है, जो उनके दादा को हमेशा परेशान करता है।