Main Vaapas Aaunga Review: इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, शरवरी वाघ और वेदांग रैना स्टारर यह फिल्म प्यार, जुदाई और भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द को दिखाती है। अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो टिकट बुक करने से पहले हमारा यह रिव्यू जरूर पढ़ लें।
प्यार में जुदाई से ज्यादा रुलाएगा बंटवारे का दर्द (pic credit-main vaapas aaunga film)
Main Vaapas Aaunga Review: 'ये प्यार जहर की तरह होता है, इसकी एक बूंद भी दिल में रह जाए तो इंसान को चैन से जीने और मरने नहीं देती।' दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) का यह दमदार डायलॉग फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' (Main Vaapas Aaunga) के ट्रेलर में सुनने को मिला था, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया था। दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ, नसीरुद्दीन शाह और वेदांग रैना स्टारर यह फिल्म कल यानी 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। प्यार, जुदाई और भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द पर आधारित इस फिल्म को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में सवाल है कि क्या निर्देशक इम्तियाज अली इस दर्दभरी प्रेम कहानी को बड़े पर्दे पर प्रभावी ढंग से उतार पाए हैं? आइए जानते हैं फिल्म का पूरा रिव्यू। (टाइम्स नाव नवभारत पर ये भी पढ़ें-वेदांग रैना-शरवरी की परफॉर्मेंस ने जीता Ektaa Kapoor का दिल, कही ये बात)
'मैं वापस आऊंगा' एक ऐसी प्रेम कहानी है, जिसे इतिहास ने तोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन प्यार की ताकत उसे जिंदा रखती है। फिल्म में यंग सिख लड़का कीनू (वेदांग रैना) एक मुस्लिम लड़की जिया (शरवरी वाघ) से बेइंतहा प्यार करता है। दोनों जानते हैं कि उनका रिश्ता आसानी से मुकम्मल नहीं होने वाला है, फिर भी वे साथ जीने-मरने के वादे करते हैं। लेकिन भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है और दोनों अलग हो जाते हैं। फिल्म दो अलग-अलग समय की कहानी दिखाती है। एक तरफ कीनू और जिया का प्यार है, वहीं दूसरी तरफ 95 साल के कीनू (नसीरुद्दीन शाह) हैं, जो आज भी अपनी अधूरी मोहब्बत के लिए दिन-रात तड़प रहे हैं। उन्हें अपने परिवार की कई बातें याद नहीं रहतीं, लेकिन जिया को वो भूल नहीं पाते। उनका पोता निर्वैर (दिलजीत दोसांझ) यह जानने की कोशिश करता है कि आखिर ऐसा कौन-सा अधूरा वादा है, जो उनके दादा को हमेशा परेशान करता है।
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा है। कुछ जगहों पर फिल्म खिंची हुई महसूस होती है। हालांकि इंटरवल के बाद सबकुछ बदल जाता है। कहानी आपके रोंगटे खड़े करने लेगी। बंटवारे का दर्द, और अधूरी मोहब्बत का एहसास आपको अंदर से हिलाकर रख देगा। दूसरे हिस्से में निर्वैर अपने परिवार के अतीत और बंटवारे के दौरान हुई घटनाओं की सच्चाई जानने निकलता है। जैसे-जैसे सच सामने आता है, कहानी और भी भावुक होती जाती है। फिल्म का क्लाइमैक्स बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाला है, जो दर्शाता है कि इम्तियाज अली प्यार और जुदाई की कहानियों को खास अंदाज में पर्दे पर पेश करना जानते हैं।
वेदांग रैना ने एक बार फिर से इंप्रेस किया है। कीनू ग्रेवाल के किरदार में वो परफेक्ट लगे है। उनके अंदर वो तड़प दिख रही है जो कि मोहब्बत में दिखाई देती है। वहीं शरवरी वाघ ने भी अपने एक्टिंग से दिल जीत लिया है। नसीरुद्दीन शाह जो बुजुर्ग कीनू बने हैं उनकी एक्टिंग आपको भावुक कर देगी। उन्हें कम डायलॉग मिले है लेकिन फिर भी काफी प्रभावित करते है। दिलजीत दोसांझ ने भी हमेशा की तरह अच्छा काम किया है। कुल मिलाकार फिल्म में सभी ने अपना 100 प्रतिशत दिया है।
अगर आपको इम्तियाज अली की कहानियां पसंद आती है और आप कुछ नया देखना चाहते हैं तो फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को आप देख सकते है। हम दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ, नसीरुद्दीन शाह और वेदांग रैना की फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को 3 स्टार देते हैं।