Vibe Movie Review: कुणाल खेमू की फिल्म में कॉमेडी का तड़का, जासूसी के चक्कर में कहानी हुई ढीली

Vibe Movie Review: कुणाल खेमू की ‘वाइब’ दोस्ती, कॉमेडी और जासूसी का मजेदार तड़का लगाती है। फिल्म का पहला हाफ हंसाता है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी थोड़ी उलझती नजर आती है।

AbhayAuthored by: AbhayUpdated Sep 18 2026, 16:58 IST

Vibe

क्रिटिक्स रेटिंग
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3.0

vibe movie review: kunal kemmu and sparsh shrivastava's spy comedy is fun, but not flawless

फिल्म वाइब का रिव्यू (Image Source: IMDb)

Vibe Movie Review: कुणाल खेमू (Kunal Kemmu) एक बार फिर अपनी कॉमेडी वाली दुनिया में लौटे हैं, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ हंसी-मजाक तक नहीं रुकती। उनकी नई फिल्म ‘वाइब’ (Vibe) में दोस्ती, कॉमेडी, जासूसी और एक अजीब मिशन का तड़का लगाया गया है। फिल्म में कुणाल खेमू के साथ स्पर्श श्रीवास्तव (Sparsh Shrivastava) और प्रीति जिंटा (Preity Zinta) नजर आ रहे हैं। कुणाल ने फिल्म को डायरेक्ट करने के साथ इसमें एक्टिंग भी की है। ये फिल्म आज यानी 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। तो चलिए जानते हैं फिल्म वाइब में क्या अच्छा और क्या बुरा है।

फिल्म की स्टोरी क्या है?

फिल्म की कहानी हार्दिक शर्मा यानी कुणाल खेमू से शुरू होती है। हार्दिक अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है और इलाज के बाद वापस लौटता है। उसका दोस्त भागीरथ यानी ‘बग्स’, जिसका किरदार स्पर्श श्रीवास्तव ने निभाया है, उसे संभालने और नौकरी दिलाने की कोशिश करता है। दोनों की दोस्ती फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है। हार्दिक को अपनी कंपनी में काम करने वाली करीना यानी वंशिका धीर पसंद आ जाती है। वो उसे डेट पर ले जाने की कोशिश करता है। यहीं से उसकी जिंदगी में ऐसी गड़बड़ शुरू होती है, जिसका अंदाजा शायद खुद हार्दिक को भी नहीं होता। मामला धीरे-धीरे जासूसी की दुनिया तक पहुंच जाता है। प्रीति जिंटा यहां मैडम एच के किरदार में हैं, जो एक सरकारी एजेंसी से जुड़ी हैं। उन्हें एक बड़े अपराधी और उसके प्लान को पकड़ना है। लेकिन इस काम में जिन दो लोगों का साथ मिलता है, उन पर भरोसा करना ही सबसे बड़ा रिस्क है। इसके बाद दोनों एक ऐसे मिशन में फंस जाते हैं, जिसके लिए उन्हें जासूस बनने की ट्रेनिंग तक लेनी पड़ती है। फिल्म का मजा यहीं से आता है कि दोनों में से कोई भी जासूस बनने लायक नहीं लगता। एक तरफ सरकारी मिशन है, दूसरी तरफ दोनों दोस्तों की अपनी ही अलग दुनिया। इसके बीच अपराधी, पहचान का खेल और ताकत बढ़ाने वाली दवा जैसी चीजें कहानी में जुड़ती जाती हैं।