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PMO से आई थीं 'धुरंधर' की स्क्रिप्ट? राकेश बेदी ने कहा- 'ऐसा वहां कौन लिख सकता है'

  • Authored by: अभय
  • Updated Jun 18, 2026, 01:53 PM IST

Rakesh Bedi on Dhurandhar: एक्टर राकेश बेदी ने उस अफवाह पर जवाब दिया है, जिसमें कहा गया था कि फिल्म धुरंधर की स्क्रिप्ट की PMO से आई है। राकेश बेदी ने कहा कि...

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राकेश बेदी ने फिल्म धुरंधर को लेकर कही ये बात (Image Source: Dhurandhar Movie)

Rakesh Bedi on Dhurandhar: बॉलीवुड एक्टर राकेश बेदी (Rakesh Bedi) ने फिल्म धुरंधर (Dhurandhar) से धमाल मचा दिया था। फिल्म धुरंधर में राकेश बेदी की शानदार एक्टिंग देखने के बाद लोग उनके दीवाने हो गए थे। फिल्म धुरंधर ने राकेश बेदी के खोए हुए फेम वापस दिलवा दिया था। लेकिन फिल्म धुरंधर के रिलीज होने के बाद कई सारे विवाद भी सामने आए थे। फिल्म धुरंंधर को प्रोपेगेंडा मूवी तक बताया गया। इसके अलावा कुछ लोग अफवाह फैला रहे थे कि फिल्म की स्क्रिप्ट प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO से आई है। अब राकेश बेदी ने अपने नए इंटरव्यू में इन सब मुद्दों को लेकर रिएक्शन दिया है।

PMO से आई थी फिल्म की स्क्रिप्ट?

राकेश बेदी एक बार फिर से फिल्म धुरंधर को लेकर खबरों में हैं। फिल्म धुरंंधर पर आरोप लगा था कि फिल्म की स्क्रिप्ट PMO से आई है। इस पर रिएक्शन देते हुए राकेश बेदी ने News18 बातचीत के दौरान जब राकेश से पूछा गया कि उन्होंने फिल्म में कहां-कहां ह्यूमर जोड़ने का सुझाव दिया था, तो उन्होंने धुरंधर का एक डायलॉग सुनाया, जो फिल्म के एक सीन में बत्तखों के संदर्भ में बोला गया था। इसके बाद राकेश ने उन दावों पर भी बात की, जिनमें कहा गया था कि धुरंधर की स्क्रिप्ट PMO से आती है। उन्होंने कहा, 'अब ये लाइन कोई लिख ही नहीं सकता। जब फिल्म हिट हुई तो कुछ लोगों ने कहा कि धुरंधर की स्क्रिप्ट PMO से लिखकर आती है। मैंने कहा, बताइए PMO में ऐसा कौन आदमी है जो ये लाइन लिख सकता है। कोई ऐसा सोच भी नहीं सकता।'

पहले बदलाव नहीं चाहते थे अदित्य धर

राकेश बेदी ने कहा कि 'जब मैंने स्क्रिप्ट दो-तीन बार पढ़ी, तो मुझे लगा कि यह सिर्फ टेंस नहीं, बल्कि बहुत इंटेंस फिल्म है। फिर मुझे लगा कि एक कलाकार के तौर पर, क्योंकि मेरा झुकाव हमेशा कॉमेडी की तरफ रहता है और मेरा दिमाग भी उसी तरफ चलता है, तो कुछ जगहों पर थोड़ा-बहुत हास्य जोड़ा जा सकता है। मैंने आदित्य से कहा कि मुझे कुछ ऐसे मौके दिख रहे हैं जहां थोड़ा ह्यूमर डाला जा सकता है, क्या मैं कोशिश करूं? इस पर उन्होंने कहा, 'राकेश जी, अभी कहना मुश्किल है। देखते हैं आगे काम करते-करते क्या होता है।' शुरुआत में वह थोड़ा हिचकिचा रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे काम आगे बढ़ा, उन्हें भी मजा आने लगा और मुझे भी।

करियर के शुरू में हुई दिक्कत

राकेश बेदी ने अपने करियर पर बात करते हुए कहा कि 'जब मैं इंडस्ट्री में आया था, तब मेरे जैसे इंसान के लिए कोई जगह नहीं थी। उस समय हीरो का लंबा-चौड़ा होना जरूरी माना जाता था, विलेन का डरावना दिखना जरूरी था और विलेन चमचा अलग दिखाना चाहिए। कास्टिंग में हर किरदार के लिए पहले से एक तय ढांचा बना हुआ करता था। ऐसे में मेरे पास सिर्फ एक ही रास्ता था कि मैं कॉमेडी करूं। कॉमेडी की वजह से मुझे इंडस्ट्री में एंट्री मिली और मैं आगे बढ़ता गया। ऐसा नहीं था कि मैं जबरदस्ती कॉमेडी करता था, बल्कि मुझे ह्यूमर हमेशा से बहुत पसंद रहा है।'

Abhay
अभयauthor

अभय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट डेस्क पर चीफ कॉपी एडिटर हैं। टीवी पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने वाले अभय मनोरंजन जगत की खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। वे फिल्म, टीवी, ओटीटी और सेलिब्रिटी अपडेट्स को सरल भाषा में और सटीक जानकारी के साथ पेश करने के लिए जाने जाते हैं। अभय अबतक 9,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं। तेजी से बदलती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में खबरों को पकड़ने, रिसर्च करने और समय पर प्रकाशित करने में उनकी खास दक्षता है।

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